मई की मासिक शिवरात्रि ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को है। इसे ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है। मई मासिक शिवरात्रि के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं, इसकी वजह से यह व्रत और भी पुण्य फलदायी है। इस दिन आप व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करें और जलाभिषेक करें। शिव कृपा से आपके कार्य सफल होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी। इस बार मासिक शिवरात्रि पर भद्रा लग रही है, लेकिन शिव पूजा में भद्रा कोई अड़ंगा नहीं डालेगी।
मई मासिक शिवरात्रि 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, मई की मासिक शिवरात्रि के लिए ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी का प्रारंभ 15 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा और यह तिथि 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक मान्य रहेगी। ऐसे में निशिता पूजा मुहूर्त के आधार पर मई मासिक शिवरात्रि 15 मई दिन शुक्रवार को है।
मई मासिक शिवरात्रि 2026 मुहूर्त
यदि आप मई मासिक शिवरात्रि का व्रत रखते हैं तो आपको निशिता पूजा के लिए 42 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा। निशिता पूजा मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक है। इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:07 ए एम से 04:49 ए एम तक है। शिवरात्रि के दिन अभिजीत मुहूर्त या शुभ मुहूर्त 11:50 ए एम से लेकर दोपहर 12:45 पी एम तक रहेगा। इस दिन का विजय मुहूर्त दोपहर 02:33 पी एम से लेकर दोपहर 03:28 पी एम तक रहेगा।
3 शुभ योग में मई मासिक शिवरात्रि
मई की मासिक शिवरात्रि पर 3 शुभ योग बन रहे हैं। ज्येष्ठ शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, आयुष्मान् योग और शोभन योग का शुभ संयोग है। शिवरात्रि के दिन प्रात:काल से आयुष्मान् योग बन रहा है, जो दोपहर 2 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से सौभाग्य योग होगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग शिवरात्रि को सुबह में 05:30 ए एम से बनेगा और यह रात 08:14 पी एम तक रहेगा। इन तीनों शुभ योग में आप मासिक शिवरात्रि की पूजा करके पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मई मासिक शिवरात्रि पर लगेगी भद्रा
15 मई को मासिक शिवरात्रि के दिन भद्रा लग रही है। भद्रा सुबह में 08 बजकर 31 मिनट से लगेगी, जो शाम को 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। इस भद्रा का वास स्वर्ग में है। वैसे भी शिव पूजा के लिए भद्रा या राहुकाल की गणना नहीं करते हैं। मासिक शिवरात्रि पर राहुकाल सुबह 10:36 ए एम से लेकर दोपहर 12:18 पी एम तक है।
मासिक शिवरात्रि का महत्व
मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत और शिव पूजा करने से आपके दुख दूर होंगे। शिवकृपा से आपके मनोकामनाओं की पूर्ति होगी। मोक्ष प्राप्ति और रोगों से मुक्ति के लिए शिवजी का गंगाजल से अभिषेक कर सकते हैं। जिन लोगों को अकाल मृत्यु का भय होता है, वे मासिक शिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं या रुद्राभिषेक करा सकते हैं।
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