खबर वर्ल्ड न्यूज-गरियाबंद। ग्राम घटकर्रा (पचपेड़ी), जिला गरियाबंद में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां के टूकेश्वर साहू नामक व्यक्ति द्वारा ‘ममता मेडिकल स्टोर’ के पीछे एक अवैध क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है, जहां बिना किसी चिकित्सकीय योग्यता के खुलेआम इलाज किया जा रहा है।
सुबह होते ही इस झोलाछाप क्लिनिक में मरीजों की भीड़ लग जाती है। भीड़ देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कैसे मजबूरी में अपनी जान को जोखिम में डालकर इस अवैध क्लिनिक की चौखट पर पहुंचते हैं। यह स्थिति न सिर्फ नियमों की धज्जियाँ उड़ा रही है, बल्कि मानव जीवन से खिलवाड़ भी कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ‘ममता मेडिकल स्टोर’ के जरिए आय का स्रोत पहले से मौजूद है, तो फिर एक अवैध क्लिनिक चलाने की क्या मजबूरी है? या यह मान लिया जाए कि अब झोलाछाप इलाज भी एक “कमाई का धंधा” बन चुका है, जिसमें इंसानी जान की कोई कीमत नहीं बची?
इस तरह के क्लिनिक न तो स्वास्थ्य विभाग के मानकों पर खरे उतरते हैं, न ही यहां इलाज कर रहे व्यक्ति के पास आवश्यक डिग्रियां और प्रशिक्षण हैं। फिर भी प्रशासन की चुप्पी, और ग्रामीणों की मजबूरी ने ऐसे अवैध क्लिनिकों को पनपने का अवसर दे दिया है।
अब समय आ गया है कि स्वास्थ्य विभाग इस पर संज्ञान ले और ‘ममता मेडिकल स्टोर’ के पीछे चल रहे इस अवैध क्लिनिक की तत्काल जांच कर ठोस कार्यवाही करे। ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ और कानून की अनदेखी को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
स्वस्थ भारत के लिए जरूरी है कि ऐसे झोलाछाप क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि गांव-गांव में स्वास्थ्य के नाम पर चल रही लापरवाही रोकी जा सके।
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