खबर वर्ल्ड न्यूज–संतोष पाठक, मुंगेली।छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में पशु तस्करी पर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2014 की धारा 7 के अंतर्गत एक ट्रक को जब्त कर उसे राजसात (सरकारी कब्जे में) किया गया है। यह कार्रवाई मवेशियों की तस्करी एवं उनके साथ अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोपों के आधार पर की गई।
तस्करी का पूरा मामला:
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार,
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घटना की तारीख: 1 सितंबर 2024
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स्थान: थाना कोतवाली क्षेत्र, मुंगेली
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पकड़े गए वाहन का नंबर: CG 04 JD 7825
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जब्त मवेशी: कुल 13 (9 गायें और 4 बछड़े)
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मृत मवेशी: 1 गाय (गंभीर चोटों के कारण)
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गिरफ्तार आरोपी: देवराज भोई
जांच में सामने आई बातें:
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी मवेशियों को बूचड़खाने ले जा रहा था। मवेशियों को ट्रक के भीतर क्रूरता पूर्वक रस्सियों से बांधकर ठूंसा गया था, जिससे कई जानवरों को गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचीं। पुलिस ने मौके से ही ट्रक जब्त किया और आरोपी को हिरासत में लिया गया।
आरोपी देवराज भोई ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह गौवंश बूचड़खाने ले जाए जा रहे थे। इसके अलावा, प्रारंभिक मेडिकल परीक्षण में यह भी सामने आया कि कई गायों के पैरों और गर्दनों पर रस्सियों के कसाव के गहरे निशान थे। इस अमानवीय व्यवहार के चलते एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई।
कानूनी कार्रवाई:
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यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2014 की धारा-7 के अंतर्गत की गई है, जो राज्य में मवेशियों की अवैध ढुलाई, तस्करी और हत्या के मामलों को रोकने के लिए लागू है।
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आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 429 (जानवर को नुकसान पहुंचाना), 11(1)(a)(d)(e)(h) के तहत पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और भादवि की अन्य धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन का सख्त रुख:
कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि गौवंश तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “जो लोग इस तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई एक उदाहरण है,” उन्होंने कहा।


