नई दिल्ली। चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस ने कई सालों तक दुनियाभर में खूब कहर बरपाया। इस वायरस की चपेट में आने से विश्व में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 5 साल बाद भी इसका कहर जारी है। समय-समय पर कोविड की नई लहर आती रहती हैं और संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। कोविड संक्रमण से बचने के लिए कई वैक्सीन भी उपलब्ध हैं। माना जाता है कि कोरोना की वैक्सीन शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत कर देती है, जिससे संक्रमण से बचाव होता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोविड वैक्सीन को लेकर एक नई रिसर्च में चौंकाने वाली बात कही है।
यूएस की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (UCLA) की एक नई रिसर्च में यह सामने आया है कि कोविड वैक्सीन किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए भी फायदेमंद साबित हुई है। रिसर्च के मुताबिक जिन मरीजों को कोरोना से पहले वैक्सीन लग चुकी थी और कोरोना होने पर उन्हें किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी जैसे- एक्यूट किडनी इंजरी हुई, उनकी हालत बिना वैक्सीन वाले मरीजों से बेहतर पाई गई। शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन मरीजों को पहले से कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी, उन्हें कोरोना के दौरान डायलिसिस की जरूरत कम पड़ी। वहीं बिना वैक्सीन वाले मरीजों की हालत ज्यादा खराब रही और उनकी मौत होने का खतरा भी अधिक था। वैक्सीन लगवाने वालों को अस्पताल से छुट्टी के बाद भी डायलिसिस की जरूरत कम महसूस हुई।
अब सवाल है कि एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) क्या है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो AKI एक ऐसी बीमारी है, जिसमें किडनी का काम करना अचानक कम हो जाता है। रिसर्च में बताया गया कि कोरोना से संक्रमित लगभग 46% लोगों को यह समस्या हो सकती है। गंभीर मामलों में मरीज को डायलिसिस की जरूरत होती है, जो कि शरीर से खराब चीजें बाहर निकालने की एक प्रक्रिया है। डॉक्टर्स को अब तक यह पूरी तरह समझ नहीं आया था कि कोविड और AKI साथ होने पर मरीज पर क्या असर होता है।
यह स्टडी ‘किडनी मेडिसिन’ नामक जर्नल में प्रकाशित हुई। इसमें 3,500 कोविड मरीजों का विश्लेषण किया गया, जो मार्च 2020 से मार्च 2022 के बीच अस्पताल में भर्ती हुए थे। इनमें से करीब 972 मरीजों को AKI हुआ था। इन मरीजों में लगभग 42% ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी जबकि 48% को फाइजर, मॉडर्ना या जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन लगी थी। बिना वैक्सीन वालों को ICU में विशेष डायलिसिस (CRRT) की जरूरत ज्यादा पड़ी।
इस रिसर्च की लीड ऑथर और UCLA की प्रोफेसर डॉ. निलोफर नोबख्त ने कहा कि कोविड वैक्सीन एक जरूरी सुरक्षा उपाय है, जो किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों में गंभीर जटिलताओं को कम कर सकता है। सभी लोग अपने डॉक्टर से बात करके वैक्सीनेशन जरूर करवाएं, क्योंकि इससे मौत का खतरा कम हो जाता है और भविष्य में डायलिसिस की जरूरत भी कम हो सकती है। यह लंबी और बेहतर जिंदगी के लिए एक जरूरी कदम है।
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