नई दिल्ली। उम्र बढ़ने के साथ हमारे शरीर के कई अंग कमजोर होने लगते हैं, जिनमें दांत भी शामिल हैं। 60-70 साल के बाद लोगों के दांत हिलने लगते हैं और धीरे-धीरे उखड़ जाते हैं। कई लोग मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ दांतों का गिरना सामान्य है, लेकिन सच्चाई यह है कि खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खान-पान और दांतों की देखभाल न करने से भी ऐसा होता है। अगर आप दांतों पर विशेष ध्यान दें, तो आपके दांत बुढ़ापे तक हेल्दी रह सकते हैं। आज आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बता रहे हैं, जिनसे आप दांतों को बुढ़ापे तक मजबूत रख सकते हैं और दांत की समस्या से निजात पा सकते हैं।
सरसों का तेल और सेंधा नमक को दांतों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। पुराने जमाने से लोग सरसों के तेल और सेंधा नमक को मिलाकर हल्के हाथों से मसूड़ों पर मालिश करते आए हैं। यह दांतों को मजबूत और हेल्दी रखने का एक बेहद पुराना और असरदार नुस्खा है। यह उपाय दांतों की जड़ों को मजबूत करता है और मसूड़ों की सूजन, खून आना और पायरिया जैसी समस्याओं में राहत देता है। रोजाना सुबह यह मालिश करने से दांतों की पकड़ मजबूत होती है और लंबी उम्र तक हिलने की समस्या से बचाव होता है।
नीम की दातून भी दांतों को हेल्दी रखने का एक आयुर्वेदिक नुस्खा है। नीम में नैचुरल एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। नीम की दातून रोज सुबह चबाने से दांतों पर जमी गंदगी साफ होती है और कैविटी बनने की संभावना घट जाती है। यह मसूड़ों को भी ताकत देता है और सांसों की दुर्गंध से भी राहत दिलाता है। नीम की कड़वाहट मुंह के कीटाणुओं को नष्ट करने में मदद करती है। इससे दांत मजबूत होते हैं।
त्रिफला चूर्ण सिर्फ पेट के लिए ही नहीं, बल्कि दांतों के लिए भी बेहद लाभकारी होता है। त्रिफला आंवला, हरड़ और बहेड़ा को मिलाकर बनाया जाता है और दांतों की समस्याओं से राहत दिला सकता है। त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मसूड़े और दांत दोनों मजबूत होते हैं। यह मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करता है और मसूड़ों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।
तिल का तेल दांतों को मजबूत रखने में बेहद फायदेमंद हो सकता है। इस तेल से ऑयल पुलिंग करने से आपको गजब के फायदे मिल सकते हैं। तिल के तेल से ऑयल पुलिंग एक प्राचीन आयुर्वेदिक तकनीक है, जिसमें मुंह में तिल का तेल भरकर 3–5 मिनट घुमाया जाता है और फिर थूक दिया जाता है। यह प्रक्रिया मुंह के हानिकारक कीटाणुओं को बाहर निकालती है और मसूड़ों को मजबूत करती है। तिल खुद भी कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है, जो दांतों के लिए जरूरी है।
लौंग का तेल भी दांतों के दर्द से राहत दिलाता है और दांतों को मजबूत करता है। लौंग में मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व दांतों की सूजन और दर्द से राहत दिलाता है। कमजोर दांतों में अगर दर्द या झनझनाहट महसूस हो, तो लौंग के तेल की कुछ बूंदें कॉटन पर लगाकर प्रभावित दांतों पर लगाने से आराम मिलता है। यह संक्रमण से भी बचाता है और मसूड़ों को ताकत देता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो दांतों की मजबूती के लिए केवल बाहरी देखभाल काफी नहीं होती है। डाइट में कैल्शियम, विटामिन D, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम से भरपूर चीजें जैसे- दूध, दही, हरी सब्जियां, बादाम, अंजीर शामिल करें। जंक फूड, सोडा, ज्यादा मीठा और बहुत गर्म या ठंडा खाना दांतों को कमजोर बना सकता है। ऐसे फूड्स को अवॉइड करें। इसके अलावा आप नियमित रूप से दांतों की सफाई और देखभाल करें। दिन में दो बार ब्रश करें, फ्लॉसिंग करें और हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट से जांच कराएं। इससे आप अपने दांतों को जीवनभर स्वस्थ रख सकते हैं।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। K.W.N.S. इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।
Trending
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर ब्लू वाटर दुर्घटना में डूबे युवा की खोज के लिए विशाखापट्टनम से आयेगा भारतीय नौसेना का विशेष गोताखोर दल
- बस्तर की नई पहचान पर्यटन से गढ़ने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- ऑपरेशन बाज के तहत बड़ी कार्रवाई: 291 पाव देशी शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार
- हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में महिलाओं ने मनाया सावन सुंदरी उत्सव, मनीषा बनीं सावन क्वीन
- महिला मोर्चा मुंगेली का सावन उत्सव उमंग एवं उल्लास के साथ संपन्न
- अधिवक्ता अभिषेक पाठक का सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन
- महतारी वंदन से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति – मुख्यमंत्री साय
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पवित्र श्रावण मास में अपने निवास में किया रुद्राभिषेक

