Khabarworld24.com -महाकुंभ 2025 के पहले शाही स्नान के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, जिससे यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है। रायपुर से इलाहाबाद (प्रयागराज) जाने के लिए साधनों की भारी कमी का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है। सभी प्रमुख यातायात साधन—फ्लाइट, ट्रेन और बस—या तो पूरी तरह से बुक हो चुके हैं या किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे यात्रियों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो गया है।
फ्लाइट: एक सप्ताह पहले से ही बुकिंग फुल
रायपुर से इलाहाबाद जाने वाली एकमात्र नियमित फ्लाइट की बुकिंग सप्ताहभर पहले ही पूरी हो चुकी है। हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक, कुम्भ स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हो चुकी है, जिससे सीटें उपलब्ध नहीं हैं। आमतौर पर इस रूट पर किराया ₹5000 से ₹7000 के बीच होता था, लेकिन अब बुकिंग उपलब्ध न होने के कारण यात्री मजबूरी में अन्य साधन अपना रहे हैं।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग
प्रयागराज के लिए रायपुर से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों जैसे दुरंतो एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस में यात्रियों की भारी भीड़ है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश ट्रेनों में 150 से 200 की वेटिंग लिस्ट चल रही है, जिससे तत्काल टिकट बुक करना भी कठिन हो गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है, लेकिन वह भी मांग के मुकाबले कम साबित हो रही हैं।
प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा (23 जनवरी 2025 तक):
- दुरंतो एक्सप्रेस (रायपुर-प्रयागराज): वेटिंग 175
- प्रयागराज एक्सप्रेस: वेटिंग 190
- संगम एक्सप्रेस: वेटिंग 210
बसों का किराया दोगुना
ट्रेनों और फ्लाइट्स की भारी कमी के चलते यात्रियों का रुख अब बसों की तरफ हो गया है। इस मांग में वृद्धि के कारण बस ऑपरेटरों ने किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी है। आमतौर पर रायपुर से प्रयागराज का बस किराया ₹1500 से ₹2000 होता है, लेकिन अब यह बढ़कर ₹4000 तक पहुंच गया है। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि यातायात साधनों की कमी को देखते हुए उन्होंने किराए में वृद्धि की है, लेकिन यात्रियों के लिए यह आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है।
यात्रियों की समस्याएं और सुझाव
यात्रियों ने बताया कि महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के समय सरकार को यातायात सुविधाओं में सुधार करने की आवश्यकता है। कई लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर स्थान नहीं मिलने की वजह से महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रमों से वंचित होना पड़ सकता है। कुछ श्रद्धालुओं ने अतिरिक्त ट्रेनें और फ्लाइट्स चलाने की मांग की है ताकि सभी लोग सुगमता से महाकुंभ के आयोजन में शामिल हो सकें।
प्रभावित क्षेत्रों में यात्री संख्या में वृद्धि के आंकड़े (रायपुर-प्रयागराज मार्ग):
- यात्रियों की औसत संख्या (आम दिनों में): 5000-6000
- महाकुंभ के दौरान यात्री संख्या (अनुमानित): 25,000+
सरकारी प्रयास और अतिरिक्त व्यवस्थाएं
सरकार और रेलवे प्रशासन महाकुंभ के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई ट्रेनों और विशेष सेवाओं की घोषणा कर रहे हैं। हालांकि, अब तक घोषित व्यवस्थाएं यात्रियों की भारी मांग के आगे कम साबित हो रही हैं। राज्य परिवहन विभाग ने भी अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
निष्कर्ष
महाकुंभ स्नान के लिए यात्रियों की बढ़ती संख्या ने रायपुर से प्रयागराज जाने वाले यातायात साधनों पर भारी दबाव डाला है। फ्लाइट्स और ट्रेनों में सीटों की कमी, और बसों के बढ़े हुए किराए ने यात्रियों के सामने चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। सरकारी प्रयासों के बावजूद, यात्रियों को उचित और समय पर सुविधाएं प्राप्त करना कठिन हो रहा है। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में यातायात सुविधाओं में सुधार और विस्तार के प्रयासों की आवश्यकता है।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

