नई दिल्ली। घुटनों में दर्द और अकड़न अब सिर्फ बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या नहीं रह गयी है। यंग लोगों में भी घुटनों में दर्द की शिकायत कॉमन होती जा रही है। खासतौर पर महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। जिससे चलने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी आने लगती है। आमतौर पर इसके इलाज में दर्द कम करने वाली दवाओं और नियमित एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है।
लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसे फाइबर के बारे में जाना है, जो घुटनों के दर्द को कम करने और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार करने में मदद कर सकता है। इस फाइबर इनुलिन है, जो प्याज, लहसुन, केले और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। ऐसे में इसे आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है।
117 लोगों पर किया गया अध्ययन
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम के शोधकर्ताओं की स्टडी में इनुलिन सप्लीमेंट लेने वाले लोगों को घुटनों के दर्द में राहत मिली है। शोधकर्ताओं ने घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से परेशान 117 वयस्कों पर 6 हफ्ते तक स्टडी किया। इसमें शामिल लोगों को चार समूहों में बांटा गया। एक समूह को इनुलिन सप्लीमेंट दिया गया, दूसरे को डिजिटल फिजियोथेरेपी के जरिए एक्सरसाइज कराई गई। तीसरे समूह ने दोनों तरीके अपनाए, जबकि चौथे समूह को प्लेसिबो दिया गया। अध्ययन में इनुलिन लेने वाले और एक्सरसाइज करने वाले दोनों समूहों में घुटनों के दर्द में कमी देखी गई। हालांकि, इनुलिन लेने वाले समूह में पकड़ की ताकत में सुधार और दर्द के प्रति संवेदनशीलता में कमी भी देखी गई।
क्या है इनुलिन और कैसे करता है काम?
इनुलिन एक प्रकार का प्रीबायोटिक फाइबर है, जो आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। जब ये बैक्टीरिया इनुलिन को पचाते हैं, तो शॉर्ट-चेन फैटी एसिड बनते हैं। इनमें ब्यूटिरेट भी शामिल है, जो शरीर में सूजन और दर्द से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। इनुलिन प्याज, लहसुन, केला, चिकोरी की जड़ और जेरूसलम आर्टिचोक जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
आंतों और घुटनों के दर्द का क्या है संबंध?
शोधकर्ताओं ने इनुलिन लेने वाले लोगों में GLP-1 नामक हार्मोन का स्तर भी अधिक पाया। ये हार्मोन पाचन और शरीर की कई दूसरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। इसके स्तर और पकड़ की ताकत में सुधार के बीच संबंध देखा गया।
क्या इनुलिन सप्लीमेंट लेना चाहिए?
कुछ लोगों के लिए सप्लीमेंट लेना नियमित एक्सरसाइज की तुलना में आसान हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इनुलिन एक्सरसाइज का विकल्प है। ध्यान रखें इनुलिन घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस का इलाज नहीं है। डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द की दवाएं बंद न करें या सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।
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