नई दिल्ली।अदरक सिर्फ खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने वाला मसाला नहीं है। गैस, अपच, पेट फूलने, मतली और सूजन जैसी परेशानियों में इसके संभावित फायदे बताए जाते हैं। जानें अदरक के फायदे, सेवन का तरीका और ज्यादा खाने के नुकसान।
लगभग अधिकतर किचन में मसाले के रूप में अदरक प्रयोग होता है, लेकिन यह न केवल स्वाद और खुशबू बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से इसे घरेलू नुस्खों दादी नानी प्रयोग करती आ रही है। सर्दी के मौसम में अदरक की चाय से लेकर भोजन में इसके इस्तेमाल यानि लोग इसे कई तरीकों से अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं। इसमें प्राकृतिक यौगिक होते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी हैं।
अदरक के सेवन से गैस, अपच, पेट फूलने और मतली जैसी सामान्य परेशानियों में कुछ लोगों को राहत मिलती है। भोजन से पहले थोड़ी मात्रा में अदरक लेने की परंपरा भी कई घरों में है। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। ध्यान रखें, लगातार पेट दर्द या गंभीर एसिडिटी होने पर डॉक्टर की राय जरूरी हैं। अपने मन से और ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है।
अदरक को हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी और गुणकारी माना जाता है। इसमें कुछ प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकते हैं। कुछ हद तक कोलेस्ट्रॉल से जुड़े संभावित फायदे भी बताए जाते हैं। लेकिन, अदरक को हृदय रोग या कोलेस्ट्रॉल की एकदम दवा का विकल्प ही नहीं मानना चाहिए, क्योंकि कारण अलग-अलग हो सकते हैं।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अदरक का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द और शरीर में सूजन से जुड़ी परेशानी में भी किया जाता है। क्योंकि इसमें लाभकारी यौगिक पाए जाते हैं। सर्दियों में अदरक वाली चाय या गर्म पेय शरीर को गर्माहट देने के साथ राहत का अहसास करा सकता है। ध्यान दे गंभीर या लगातार दर्द में चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
महिलाओं के मासिक धर्म के दर्द से जुड़ा मामला में अदरक का उपयोग बताया गया है। इसके सेवन से पीरियड्स के दर्द की तीव्रता कम होने की संभावना होती है। अदरक की चाय इस दौरान कई महिलाओं को आराम दे सकती है। लेकिन असहनीय दर्द या अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। वरना की स्थिति में हानि हो सकता हैं।
अदरक वजन कंट्रोल में भी अहम भूमिका निभाता हैं, लेकिन इसको वजन घटाने वाला जादुई फॉर्मूला नहीं समझना चाहिए। फिर भी इसके सेवन और मेटाबॉलिज्म तथा भूख से जुड़े संभावित प्रभाव बताए जाते हैं। देखिए गुनगुने पानी के साथ अदरक लेने का चलन भी लोकप्रिय है। लेकिन वजन नियंत्रण के लिए संतुलित आहार, व्यायाम और पर्याप्त नींद बहुत मायने रखती हैं।
कहा जाता है कि, //ना अति वर्षा ना अति धूप, ना अति वक्ता ना अति चुप// यानि किसी भी चीज की अधिकता हानिकारक होती हैं। अतः अदरक फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा परेशानी भी पैदा कर सकती है। ज्यादा सेवन से पेट में जलन, सीने में जलन, दस्त या अन्य पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में यह ब्लीडिंग के जोखिम और ब्लड प्रेशर पर भी असर डाल सकता है। बवासीर के रोगी इसका सेवन न करें।
देखिए सभी बात की एक बात, अदरक को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। चाय, सब्जी, सूप और दूसरे व्यंजनों में इसका इस्तेमाल स्वाद के साथ स्वास्थ्य लाभ भी दे सकता है। लेकिन अगर आप किसी गंभीर बीमारी के चपेट में हैं, तो इसका सेवन बगैर चिकित्सक की राय लिए बिल्कुल न करें। हमेशा याद रखे कि अदरक का असली फायदा स्वाद के साथ लिमिट में छिपा होता है।
Trending
- लोकभवन में मनाया गया विश्वकर्मा जयंती
- सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल
- सेवा सेतु केंद्र का असर: पत्थलगांव के जगदीश कुमार का निवास प्रमाण पत्र महज 3 दिन में बनकर तैयार
- सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- महासमुंद की महिलाओं ने बुना आत्मनिर्भरता का ताना-बाना: ‘बिहान’ से बदला जीवन, राष्ट्रीय मंचों पर लहराया परचम
- बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल: बैगा अंचल में ‘बाल चौपाल 2.0’, दूरस्थ आश्रमों में सुधार के सख्त निर्देश
- बदलाव की कहानी : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से गौरव की बढ़ी आमदनी
- स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: छत्तीसगढ़ के 25 चिकित्सा अधिकारियों के तबादले, 11 जिलों को मिले नए CMHO


