नई दिल्ली। अमरूद का फल तो आपने खूब खाया होगा, लेकिन इसकी पत्तियां भी घर के कई पारंपरिक नुस्खों में इस्तेमाल की जाती हैं। अमरूद की पत्तियों से बनी चाय या काढ़े को पाचन, ब्लड शुगर और त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं में संभावित रूप से फायदेमंद माना जाता है। कुछ लोग इसे वजन घटाने और बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इसे किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता और कुछ लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जानिए अमरूद की पत्तियों की चाय कैसे तैयार करें, इसके क्या संभावित फायदे हैं और किन लोगों को इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए।
अमरूद के फल के स्वाद का आनंद तो आपने बहुत लिया होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी पत्तियां भी किसी संजीवनी से कम नहीं है। आयुर्वेद और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में अमरूद की पत्तियों का लंबे समय से प्रयोग होता आ रहा है। इन पत्तियों में कई प्राकृतिक यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे बनी चाय या काढ़ा पाचन, ब्लड शुगर और त्वचा के लिए लाभकारी है।
खाना खाने के बाद आपका पेट भारी, गैस या अपच की समस्या परेशान कर रही है, तो अमरूद की पत्तियों की चाय पारंपरिक तौर पर लाभकारी हो सकती है। इनमें प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को सही करते हैं। अमरूद की पत्तियों के काढ़े को आंतों की गतिविधियों और दस्त जैसी समस्या में भी लाभ बताया जाता हैं। ध्यान रखें लगातार पेट खराब रहने पर घरेलू नुस्खे के बजाय डॉक्टर की राय जरूरी हैं।
अमरूद की पत्तियों का शुगर में भी उपयोग बताया गया है। इसके काढ़े से भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की गति को प्रभावित करने की संभावना होती है। पत्तियों में कुछ यौगिक कार्बोहाइड्रेट के पाए जाते हैं, जो पाचन और ग्लूकोज के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। ध्यान रखें यह संभावित लाभ हैं, दवा लेने वाले मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह सेवन न करें।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अगर आप भी वजन कम करने के तरीके की तलाश कर रहे हैं, तो अमरूद की पत्तियां बेहतर हो सकती हैं। इसके प्राकृतिक यौगिक कार्बोहाइड्रेट को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को कंट्रोल करते हैं। कुछ लोग पत्तियों की चाय को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। केवल अमरूद की पत्तियां पीने से वजन तेजी से कम नहीं होता है, बल्कि संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम भी जरूरी है।
अमरूद की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट और कुछ एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो त्वचा की देखभाल में मदद करते है। पत्तियों से तैयार काढ़ा का त्वचा पर संभावित लाभों का वर्णन हैं। कुछ घरेलू नुस्खों में पत्तियों का लेप भी लगाया जाता है। लेकिन संवेदनशील त्वचा पर सीधे इस्तेमाल करने से पहले सावधानी जरूरी है। जलन या एलर्जी होने पर प्रयोग न करें।
अमरूद की पत्तियों का प्रयोग न केवल पेट तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और पारंपरिक घरेलू उपायों में इसका बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। पत्तियों को पानी में उबालकर तैयार पानी से बाल धोने से लाभ मिलता हैं। इससे स्कैल्प की सफाई हो सकती है। लेकिन डैंड्रफ या बाल झड़ने की गंभीर समस्या में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
इसको तैयार करने के लिए सबसे पहले अमरूद की 6 से 8 साफ और ताजी पत्तियों का चयन करें और उन्हें अच्छी तरह धो लें। अब एक कप पानी में पत्तियों को डालकर कुछ मिनट तक उबालें, जब पानी का रंग हल्का बदलने लगे, तो गैस बंद कर दें और इसे छान लें। अब गुनगुना होने के बाद इसका सेवन किया जा सकता है। स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है। दिन में एक बार सेवन किया जा सकता हैं।
अमरूद की पत्तियों के कई लाभ है, लेकिन हर व्यक्ति पर इनका असर एक जैसा हो, यह भी जरूरी नहीं है। खासतौर से गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, शुगर की दवा लेने वाले लोग या गंभीर मरीज इसका नियमित सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें, वरना कि स्थिति में यह हानिकारक भी हो सकता हैं। इसलिए सावधानी से सही मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
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