भगवान शिव की उपासना में मंत्र जाप को खास महत्व दिया गया है। अगर आप सावन के सोमवार या किसी भी दिन महादेव का सरल मंत्र जाप करना चाहते हैं, तो ‘ॐ नमः शिवाय’ सबसे प्रसिद्ध शिव मंत्रों में से एक है। आज सावन का तीसरा सोमवार है।
वहीं दो पंक्तियों में शिव स्तुति के लिए यह प्रार्थना भी कही जाती है-‘करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा, श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्।’ हालांकि यह दो-लाइन मंत्र नहीं, बल्कि शिवापराध क्षमापन स्तोत्र का आरंभिक श्लोक है। इसलिए मंत्र और श्लोक के बीच अंतर समझना जरूरी है।
ॐ नमः शिवाय का क्या अर्थ है?
ॐ नमः शिवाय’ को पंचाक्षर मंत्र कहा जाता है, क्योंकि ‘ॐ’ को अलग रखते हुए इसमें पांच अक्षर-न, म, शि, वा, य-माने जाते हैं। इसका सामान्य भावार्थ है, भगवान शिव को नमन। यह मंत्र शैव परंपरा में अत्यंत प्रचलित है और शिव उपासना का सरल मंत्र माना जाता है।
जाप करने का सही तरीका क्या है?
मंत्र जाप के लिए किसी विशेष कठिन प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। सुबह स्नान के बाद शांत जगह पर बैठकर श्रद्धा से ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप किया जा सकता है। चाहें तो शिवलिंग के सामने बैठकर भी मंत्र का स्मरण करें। जाप करते समय उच्चारण साफ रखने और मन को एकाग्र रखने पर ध्यान देना बेहतर माना जाता है।
रुद्राक्ष की माला से जाप करने की परंपरा भी शिव साधना में प्रचलित है। हालांकि कितनी बार जाप करना है, इसके लिए सभी लोगों पर लागू कोई एक अनिवार्य संख्या नहीं है। अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार जाप किया जा सकता है।
सावन और सोमवार में क्यों खास माना जाता है शिव मंत्र?
हिंदू धार्मिक परंपरा में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इसी तरह सोमवार को भी शिव पूजा के लिए विशेष माना जाता है। सावन के सोमवार को श्रद्धालु शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं और ॐ नमः शिवाय का जाप करते हैं। यहां एक जरूरी बात समझना भी महत्वपूर्ण है- मंत्र जाप को धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना के रूप में देखा जाता है। इसके जरिए मनोकामना पूरी होने या किसी निश्चित परिणाम की वैज्ञानिक गारंटी का दावा नहीं किया जा सकता।
घर पर भी कर सकते हैं शिव मंत्र का जाप
महादेव की आराधना के लिए सबसे जरूरी चीज श्रद्धा और नियमितता है। सावन हो, सोमवार हो या सामान्य दिन- शांत मन से कुछ समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का स्मरण करना शिव भक्ति का सरल तरीका हो सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। यहां यह बताना जरूरी है कि K.W.N.S. किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
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