खबर वर्ल्ड न्यूज-जशपुर। अपने गांव, माटी और जड़ों से जुड़ाव का अनुभव हमेशा अद्वितीय होता है। जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री ने कृषि परंपरा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वयं खेतों में उतरकर हल चलाया और बियासी (धान की फसल के बीच खरपतवार नियंत्रण और पौधों के सही फैलाव के लिए चलाई जाने वाली पारंपरिक हल-प्रक्रिया) की। हल की मूठ थामते ही उनकी खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी यादें ताजा हो गईं। मिट्टी की सोंधी महक और चारों ओर फैली हरियाली के बीच बिताए इस समय ने उन्हें असीम मानसिक शांति और नई ऊर्जा से भर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “एक किसान परिवार में जन्म लेने के कारण खेती-किसानी मेरे लिए महज जीवनयापन का जरिया नहीं, बल्कि जीवन का मूल संस्कार है। इसी माटी ने हमें श्रम की महत्ता, प्रकृति के साथ संतुलन और अपनी मूल जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि संस्कृति और रात-दिन पसीना बहाने वाले हमारे अन्नदाता सदैव मेरे हृदय के करीब हैं।”


