नई दिल्ली। मई-जून के भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से झुलसते इस मौसम में ‘पुदीना’ किसी वरदान से कम नहीं है। यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि औषधीय गुणों का खज़ाना भी है. पुदीने की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को आंतरिक शीतलता प्रदान करती है। गर्मी के दिनों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं जैसे डिहाइड्रेशन, लू और पेट की गड़बड़ी से बचने के लिए आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही पुदीने के सेवन की सलाह देते हैं। गर्मियों के मौसम में पुदीने को हमें अपने आहार का हिस्सा बना लेना चाहिए। इसको कई तरीके से खाया जा सकता है।
गृह विज्ञान की एक्सपर्ट डॉ. विद्या गुप्ता ने बताया कि पुदीना विटामिन ए, सी और बी-कॉम्प्लेक्स का बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। पुदीने में ‘मेंटहॉल’ होता है, जो पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और मांसपेशियों को आराम देता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। गर्मियों में पुदीने का नियमित सेवन न केवल पाचन सुधारता है, बल्कि त्वचा को भी संक्रमण मुक्त और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है।
पाचन तंत्र के लिए रामबाण
गर्मियों में अक्सर अपच, गैस और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। पुदीना इन समस्याओं के लिए एक प्रभावी घरेलू उपचार है। यह पेट की जलन को शांत करता है और पाचन रसों के स्राव में मदद करता है। पुदीने की चाय या इसके अर्क का सेवन करने से पेट दर्द और जी मिचलाने जैसी दिक्कतों में तुरंत राहत मिलती है। यह आंतों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाकर शरीर को हल्का महसूस कराता है।
लू और डिहाइड्रेशन से बचाव
बाहर निकलते समय लू लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। पुदीने का शरबत या आम पन्ना में पुदीना डालकर पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। इसकी ठंडी प्रकृति लू के प्रभाव को कम करती है और शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में सहायक होती है। गर्मी की थकान और सुस्ती को दूर करने के लिए पुदीना एक बेहतरीन एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है।
त्वचा और मुख स्वास्थ्य में सुधार
पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसके पत्तों का पेस्ट चेहरे पर लगाने से मुहांसों और दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है। साथ ही, यह त्वचा को ठंडक पहुंचाकर सनबर्न से राहत देता है। इसके अलावा, पुदीने की पत्तियां चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं। यह एक प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर है जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करता है।
तनाव और श्वसन संबंधी राहत
पुदीने की खुशबू बहुत ही ताज़ा और तेज होती है, जो दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में मदद करती है। एरोमाथेरेपी में भी पुदीने के तेल का उपयोग किया जाता है। साथ ही, यह श्वसन मार्ग की सूजन को कम कर अस्थमा और सर्दी-जुकाम के मरीजों को सांस लेने में आसानी प्रदान करता है। पुदीने की पत्तियों को उबालकर उसकी भाप लेने से बंद नाक और गले की खराश में लाभ मिलता है।
Trending
- आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ते कदम, स्वयं की मेहनत और सरकारी सहयोग से कमलेश यादव बनीं ‘लखपति दीदी’
- बिहान से बहनों को मिला आर्थिक संबल, खीरे की खेती से सुभद्रा मंडल ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
- दुर्ग में रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं: जंजगिरी रोड हादसे में 25 वर्षीय युवक की मौत, पत्नी और एक साल का बच्चा सुरक्षित
- भोजली तिहार पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं: समृद्ध परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास पर दिया जोर
- IFS अधिकारी विवेक आचार्य बने राज्य वन विकास निगम के नए कार्यकारी संचालक
- छत्तीसगढ़ के आयुष पांडेय को उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस की बड़ी जिम्मेदारी, सोशल मीडिया कैंपेन करेंगे कोऑर्डिनेट
- सुकमा के पोलमपल्ली पोटाकेबिन में भोजन-पानी के संदिग्ध दूषण से 47 छात्राएं बीमार: 23 अस्पताल में भर्ती, 1 की हालत गंभीर
- कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: मोरखण्डी के जंगलों से नक्सल डंप ध्वस्त, 3.5 किग्रा दुर्लभ पैंगोलिन शल्क और सामग्री बरामद


