KWNS – व्यास पाठक, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में फैलते ड्रग्स नेटवर्क और तस्करी के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। मामला उस समय और गरमा गया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बहुचर्चित ड्रग पैडलर नव्या मलिक का नाम आरोपियों की सूची से गायब होने पर सरकार से जवाब तलब किया।
“नव्या का नाम क्यों छुपाया गया?”
चर्चा के दौरान बघेल ने आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में नव्या मलिक का नाम पहले सामने आ चुका है, फिर भी सरकार द्वारा प्रस्तुत जानकारी और आरोपियों की सूची में उसका नाम शामिल नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा कि आखिर उसका नाम क्यों हटाया गया, इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है और क्या इस गंभीर चूक पर कार्रवाई होगी।
सदन में बढ़ा तनाव
विपक्ष के इस सवाल के बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने जांच प्रक्रिया का हवाला दिया।
ड्रग्स के बढ़ते नेटवर्क पर चिंता
राज्य में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को लेकर भी चिंता जताई गई। इस मुद्दे पर गृह विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से भी जवाब मांगा गया।
सरकार से पारदर्शिता की मांग
विपक्ष ने मांग की कि ड्रग तस्करी के मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा किसी भी आरोपी को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण न मिले।
बताया जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी विधानसभा में राजनीतिक टकराव का बड़ा कारण बन सकता है।


