KWNS – धर्म। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव और ग्रह शनि को समर्पित माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि दोष, साढ़ेसाती (साढ़े सात वर्ष का कष्टकारी समय) और ढैय्या (ढाई वर्ष का प्रभाव) के नकारात्मक प्रभावों को कम करने तथा शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना और उपाय किए जाते हैं. इन उपायों से जीवन में आर्थिक संकट, रुके हुए कार्य, स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक अशांति दूर होने की आस्था है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के प्रमुख उपाय
शनि मंदिर में जाकर शनिदेव पर सरसों का तेल अर्पित करें. साथ ही, लोहे के दीपक में सरसों का तेल डालकर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
शाम के समय पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. कुछ मान्यताओं के अनुसार, पीपल के तने में सूती धागा बांधना भी लाभकारी होता है।
एक लोहे के बर्तन में सरसों का तेल लेकर, उसमें अपनी छाया (चेहरा) देखकर उस तेल को दान कर दें. यह विशेष रूप से शनि मंदिर में करने की सलाह दी जाती है।
शनि मंत्र का जाप करें — ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप नियमित रूप से शनिवार को करें।
दान और व्रत से करें कष्टों को दूर
काली वस्तुओं का दान: गरीब या जरूरतमंद व्यक्तियों को काले तिल, काले उड़द (दाल), काले कपड़े, काले छाते या लोहे की वस्तुओं का दान करें. दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
शनिवार का व्रत: शनिवार का व्रत रखें. इस व्रत में नमक रहित शाकाहारी भोजन केवल सूर्यास्त के बाद एक बार ही ग्रहण करने की परंपरा है।
सेवा और सहायता: जरूरतमंद, गरीब या अंधे व्यक्ति को भोजन या काली रंग की वस्तुएं बांटने से शनि की कृपा प्राप्त होती है l
साढ़ेसाती और ढैय्या के लिए विशेष उपाय
जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं।
हनुमान जी की पूजा करें और बजरंग बाण या हनुमान चालीसा का पाठ करें. मान्यता है कि हनुमान भक्तों को शनिदेव कभी कष्ट नहीं देते।
शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए शनि स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान काले तिल, उड़द या चना दान करना विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।
पारिवारिक और आर्थिक शांति के लिए
नकारात्मकता दूर करें: शनिवार को घर में लौंग डालकर दीपक जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
कर्ज से राहत: कर्ज से मुक्ति पाने के लिए शनिवार को शमी के पौधे की जड़ में काली उड़द दाल अर्पित करें।


