नई दिल्ली। आज हम आपको एक ऐसी जादुई जड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जो लगभग हर घर में आसानी से मिल जाती है। यह छोटी सी जड़ अपने आप में बेहद शक्तिशाली है और इसके फायदे बहुत बड़े हैं। जी हां, अदरक—जो खांसी, जुकाम, बुखार, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जोड़ों का दर्द, गठिया, दाद, खुजली, घाव, कब्ज, त्वचा रोग, बाल झड़ना और कमजोर हड्डियों जैसी कई समस्याओं में रामबाण साबित होती है। आइए जानते है इसके फायदे।..
पाचन क्रिया
अदरक में जिंजरोल नामक एक शक्तिशाली तत्व होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बना देता है. यह भोजन को तेजी से पचाने में मदद करने के साथ ही गैस, अपच और पेट की जलन जैसी समस्याएं कम करता है। रोज़ाना अदरक का लिमिट मात्रा में सेवन पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से निजात दिला सकता है।
मतली और उल्टी
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना उपाध्याय (एमडी मेडिसिन) ने कहा कि, “गर्भावस्था के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस हो या फिर किसी सर्जरी के बाद की मतली, अदरक एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है।” यह यात्रा के दौरान होने वाली उल्टी और जी मिचलाने की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है।
सूजन और दर्द
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं, जो गठिया जैसी सूजन संबंधी बीमारियों में राहत पहुंचाते हैं। यह मांसपेशियों के दर्द, मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन और सामान्य बदन दर्द को कम करने में सक्षम है।
इम्युनिटी पावर
अदरक में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने में मदद करते हैं। यह सर्दी, खांसी और मौसमी संक्रमण जैसी बीमारियों से लड़ने में सहायता प्रदान करता है। अदरक शरीर को अंदर से ताकतवर बनाता है।
कीटाणुओं और संक्रमण
अदरक में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो शरीर को हानिकारक कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता देते हैं। यह मुंह की स्वच्छता बनाए रखने में भी कारगर है। अदरक कई बैक्टीरियल संक्रमणों के खिलाफ शरीर को सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
हृदय और ब्लड शुगर
अगर आप अपने हृदय को रोगमुक्त बनाना चाहते हैं, तो अदरक बेस्ट विकल्प हो सकता है। अदरक हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है। यह ब्लड शुगर के स्तर को भी कंट्रोल करने में सहायक है, यानी शुगर रोगियों के लिए भी यह कारगर है।
कैंसर और वजन नियंत्रण
बताया यह भी जाता है कि अदरक में पाए जाने वाले यौगिक कैंसर की कुछ प्रकारों की वृद्धि को भी रोक सकते हैं। यही नहीं, अदरक भूख कम करता है और चयापचय दर को बढ़ाकर वजन घटाने में भी मदद करता है। यह हर सब्जी की दुकान पर आसानी से मिल जाता है।
सेवन और सावधानी
अदरक को काढ़ा यानी चाय, पाउडर या कच्चे रूप में सेवन किया जा सकता है। यह खाने के व्यंजन के स्वाद में चार चांद लगा देता है। हालांकि, अदरक का ज्यादा सेवन पेट में जलन, रक्तस्राव का खतरा, एसिडिटी, दस्त और दर्द का कारण बन सकता है। एलर्जी, खुजली और दाने भी हो सकते हैं। बिना आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह लिए इसका सेवन न करें।
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