नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का छतरपुर जिला इन दिनों एक खास पौधे के लिए चर्चा में है। नाम है मुनगा (जिसे आमतौर पर सहजन, मोरिंगा या सुजना कहा जाता है)। यह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए वरदान है, बल्कि इसकी सब्जी भी बेहद स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर होती है।
इसकी मांग इन दिनों छतरपुर जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। किसान और घरेलू उपभोक्ता दोनों इस पौधे को उगाने और अपने खानपान में शामिल करने लगे हैं।
क्या है मुनगा का चमत्कारी राज?
इसका वानस्पतिक नाम Moringa Oleifera है और इसे आयुर्वेद में 300 से अधिक बीमारियों के इलाज में उपयोग किया जाता है। यह पौधा वर्षभर फल देता है और इसकी लंबी फलियाँ (ड्रमस्टिक) खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं।
मुनगा के औषधीय गुण…डॉक्टर भी कर रहे हैं सिफारिश
छतरपुर के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल बताते हैं कि मुनगा एक एंटी-डायबिटिक, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी पौधा है। यह श्वास संबंधी रोगों, ब्लड शुगर कंट्रोल, और शरीर में सूजन कम करने में बेहद कारगर है। इसकी पत्तियाँ और फलियाँ दोनों औषधीय हैं।”
स्वाद और सेहत का मेल,बनती है मज़ेदार सब्जी
सिर्फ औषधीय गुण ही नहीं, इसकी फलियों से बनी सब्जी भी स्वाद में कमाल की होती है। मुनगा की फलियाँ दाल में, आलू के साथ या अकेले भी बनाकर खाई जाती हैं। यह सर्दियों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
छतरपुर में बढ़ रही है मुनगा की मांग
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोग अब घरों में मुनगा के पौधे लगा रहे हैं। क्योंकि यह पौधा बंजर जमीन में भी पनप जाता है और ज्यादा देखरेख नहीं मांगता, इसलिए किसान भी इसकी खेती में रुचि दिखा रहे हैं।
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं। इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें। K.W.N.S. किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
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