खबर वर्ल्ड न्यूज-आशीष कंठले-बेमेतरा। जिले में खरीफ सीजन 2025 की तैयारी जोरों पर है। किसानों की खेती-किसानी गतिविधियां प्रारंभ हो गई हैं। जिले में ऋणी कृषकों की संख्या अधिक होने के कारण शासन द्वारा सहकारी एवं निजी दुकानों को खाद आबंटन का अनुपात 60ः40 के स्थान पर 70ः30 निर्धारित किया गया है। इसका अर्थ है कि 70 प्रतिशत या उससे अधिक खाद की आपूर्ति रैक प्वाइंट से बेमेतरा जिले को मार्कफेड के माध्यम से की जा रही है।
कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा खरीफ सीजन की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने खाद-बीज के आबंटन, भण्डारण और किसानों तक वितरण की व्यवस्था की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि खाद एवं बीज का वितरण पंजीकृत किसानों को समितियों के माध्यम से समय पर सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई कि जिले में डी.ए.पी. खाद की मांग अधिक है, परंतु इसकी उपलब्धता माँग की तुलना में कम है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर शर्मा ने निर्देश दिए कि किसानों को डी.ए.पी. खाद के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट (एस.एस.पी.) एवं एन.पी.के. (नाइट्रोजन-फास्फोरस-पोटाश) खाद के उपयोग की जानकारी दी जाए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं समसामयिक सलाह प्रदान करें, जिससे किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
कलेक्टर ने कहा कि खाद-बीज की उपलब्धता, भण्डारण एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जाएगी। शासन द्वारा जिले के लिए कुल खाद भण्डारण का संशोधित लक्ष्य 58,415 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 39,905 मीट्रिक टन खाद प्राप्त हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के कुल खाद वितरण का 65.4 प्रतिशत है। इसमें से 22,811 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है, अर्थात अब तक 39 प्रतिशत खाद का वितरण हो चुका है।
डी.ए.पी. खाद का संशोधित लक्ष्य 5,667 मीट्रिक टन है, जिसके विरुद्ध 3,752 मीट्रिक टन खाद समितियों में भंडारित की जा चुकी है। यह लक्ष्य का 66 प्रतिशत है। किसानों से अपील की गई है कि समितियों में उपलब्ध खाद का शीघ्र उठाव करें।
’कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों में एस.एस.पी. एवं एन.पी.के. खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु बैनर एवं पोस्टर लगाए गए हैं। कृषि अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिले में वर्तमान में 3,202 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट एवं 2,255 मीट्रिक टन एन.पी.के. खाद उपलब्ध है। सिंगल सुपर फास्फेट में 16 प्रतिशत फास्फोरस और 11 प्रतिशत सल्फर पाया जाता है, जो फसल के लिए अत्यंत उपयोगी है।’
इसलिए किसानों से अपील है कि वे डी.ए.पी. खाद की कमी की स्थिति में सिंगल सुपर फास्फेट एवं एन.पी.के. खाद का उपयोग करें और उन्नत, स्वस्थ्य एवं लाभकारी खेती करें।
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