#khabarworld24.com – यूरोपीय संघ (EU) और अन्य वैश्विक नियामक निकायों ने गूगल पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद कंपनी पर कई बड़े बदलावों का दबाव बढ़ रहा है। हाल ही में आई खबरों के अनुसार, गूगल को अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ डाटा साझा करने के लिए मजबूर किया जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वह अपने प्रमुख उत्पाद, सर्च इंजन, क्रोम ब्राउज़र और एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को बेचने पर विचार करे।
यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि गूगल पर अपने व्यवसायिक एकाधिकार का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। विशेष रूप से, गूगल ने एंड्रॉयड डिवाइस निर्माताओं को अपने ऐप्स (जैसे कि गूगल सर्च और क्रोम) को प्राथमिकता देने के लिए अनुबंधित किया है, जिससे प्रतिस्पर्धियों के लिए बाजार में अपनी जगह बनाना मुश्किल हो गया है। यूरोपीय आयोग और अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा की गई कई जांचों में गूगल पर यह आरोप लगाया गया कि उसने खोज और विज्ञापन बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का गलत फायदा उठाया है।
गूगल के खिलाफ इन कार्यवाहियों में से एक बड़ा हिस्सा उसकी “डिफॉल्ट सर्च इंजन” नीति से संबंधित है, जहां गूगल ने उपकरण निर्माताओं को अपने सर्च इंजन को प्राथमिक सर्च इंजन के रूप में सेट करने के लिए भुगतान किया। यह प्रतिस्पर्धा को सीमित करने और उपयोगकर्ताओं को अन्य विकल्पों का उपयोग करने से रोकने के लिए माना जा रहा है
यदि गूगल को अपने प्रमुख उत्पाद बेचने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इससे कंपनी की वैश्विक टेक्नोलॉजी बाजार में स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा, और अन्य कंपनियों को प्रतिस्पर्धा करने का अधिक अवसर मिलेगा।
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

