मैन्युफैक्चरिंग पर इतराने वाला चौन अब इसमें काफी पीछे हो गया है। एक तरफ जहां चीन को तेरीका कारण अर्थव्यवस्था ग्रोथ करप्ने धीमी है वहीं भारत को अच्छी खबर मिली विदेशी है। एचएसबीसी के ताजा आंकड़ों मांग के अनुसार अक्टूबर में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी आई है। भारत ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है।
इस तेजी का कारण विदेशी मांग है। दुनिया के कई देशों से भारत को न केवल नए ऑर्डर मिले बल्कि विक्री में भी तेजी आई। इस कारण अक्टूबर
भारत में बनी चीजों की बड़ी मांग एचएसबीसी ने जारी किए ताजा आंकड़े कर्मचारियों की संख्या बड़ी मात्र बढ़ने से कर्मचारियों की संख्या में में तेजी आई है। यी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। डेटा के मुजबिक मैन्युफैक्चरर्स में अक्टूचर में अतिरिका कर्मचारियों जॉय दी। । यह संख्या सितंबर में रखे गए नए कर्मचारियों के मुझाने उयादा थी।
अक्टूचर का डेत अधिता रहा। सपसबीजों की रिपोर्ट में कहा गया है कि जरतीय मैन्युफैक्चरर्स विष्य के प्रोडक्शन की मात्रा के बारे में अधिया आताकयी हो. गार हैं। को
में नौकरियों की संख्या भी बढ़ गई। अक्टूबर में भारत को एशिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से ज्यादा ऑर्डर मिले, जिस कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी देखी गई।
परिचालन स्थिति में सुधार
एगारसवोजी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परवेजिन मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अक्टूचर में बढ़कर 57.5 पॉइंट हो गया। यह सितंबर में 565 पॉइंट था जो आत महीने का निकला स्तर था। पीएमआई बढ़ने से पता चलता है कि परियालन स्थितियों में कामठी सुधार आ रहा है। वहीं दूसरी ओर चीन की पीएम 50.30 पॉइंट है। हालांकि अक्टूबर में चैन के पीएमआई में भी कुछ तेजी आई है। लेकिन कुत पॉइंट में यह भारत से पीछे रह गया है।

