नई दिल्ली। निमाड़ अंचल सहित खरगोन जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरे मौसम के कारण लोग लू, डिहाइड्रेशन, कमजोरी और थकान जैसी समस्याओं से परेशान हैं। खासकर दोपहर के समय घर से बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल बनता जा रहा है। ऐसे हालात में लोग खुद को ठंडा और फिट रखने के लिए कई तरह के उपाय अपना रहे हैं। इसी बीच घर में तैयार होने वाली एक देसी ड्रिंक लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है।
दरअसल, यह देसी ड्रिंक कोई महंगी चीज नहीं, बल्कि हर घर में आसानी से मिलने वाले नींबू, काला नमक और सेंधा नमक से तैयार होती है। मात्र 2 रुपए के नींबू से बनने वाला यह घरेलू पेय शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करता है। लोग इसे गर्मी से राहत पाने के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ भी इसे बेहद असरदार और स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं।
क्यों जरूरी है नींबू पानी
खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि गर्मी के मौसम में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है। इसके साथ ही शरीर से जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकल जाते हैं। यही कारण है कि लोगों को कमजोरी, चक्कर आना और थकावट महसूस होती है। ऐसे में अगर साधारण नींबू पानी में थोड़ा सा काला नमक या सेंधा नमक मिला दिया जाए, तो यह शरीर के लिए एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक बन जाता है।
उन्होंने बताया कि नींबू में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। वहीं काला और सेंधा नमक शरीर में सोडियम, पोटेशियम और क्लोराइड जैसे जरूरी तत्वों की पूर्ति करते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और इंसान लंबे समय तक तरोताजा महसूस करता है। यही वजह है कि यह ड्रिंक इंस्टेंट एनर्जी देने का काम करती है।
नींबू और काला नमक के फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार काला नमक पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इससे गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है। वहीं सेंधा नमक शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में भी सहायक माना जाता है। अगर रोजाना एक या दो गिलास नींबू पानी में सेंधा या काला नमक मिलाकर पिया जाए, तो हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
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