खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का तीन दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। डॉ. महंत ने बताया है कि बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान काछन गुड़ी पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पनका समाज के प्रतिनिधियों ने उनसे भेंट कर समाज से जुड़ी मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग में पनका जाति को शामिल करने की वर्षों पुरानी मांग की ओर ध्यान दिलाया। डॉ. महंत ने उनकी बातों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
उन्होंने बताया कि काछन गुड़ी बस्तर की विश्वविख्यात दशहरा परंपरा का प्रारंभिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। लगभग छह शताब्दियों से चली आ रही काछनगादी की परंपरा के अनुसार पनका समाज की एक अविवाहित कन्या देवी स्वरूप बस्तर दशहरे के शुभारंभ की अनुमति प्रदान करती है। इस ऐतिहासिक परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
डॉ. चरणदास महंत ने बताया कि राजनीतिक गतिविधियों से स्वयं को दूर रखते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसजनों, कार्यकर्ताओं एवं अपने शुभचिंतकों से आत्मीय संवाद स्थापित कर संगठनात्मक एकजुटता और पारिवारिक भावनाओं को और सुदृढ़ किया। उनके सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार ने बस्तर के कांग्रेस परिवार में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
Trending
- रत्नावली कौशल भाजपा महिला मोर्चा की सारंगगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सहप्रभारी नियुक्त
- सीएम हेल्पलाइन 1076 से तीजन बाई को मिला नया राशन कार्ड
- बस्तर मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, यहां के समाज और संघर्ष ने मुझे बहुत कुछ सिखाया- सुन्दरराज पी.
- विवाह का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपित गिरफ्तार
- बारिश के साथ दिखने लगा ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान का असर
- ‘तेजस कार्यशाला’ का सफल आयोजन- स्टार्टअप इंडिया से युवाओं को मिली नई दिशा, स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
- दंतेवाड़ा: सहकारिता सप्ताह में जुटी किसानों की चौपाल; आधुनिक व जैविक खेती से समृद्धि का नया रोडमैप तैयार
- हरी खाद से ‘हरित क्रांति’: महासमुंद के हिमांशु बंजारे बने मिसाल, घटाई लागत और बढ़ाई मिट्टी की सेहत


