खबर वर्ल्ड न्यूज-आशीष कंठले-बेमेतरा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत बेमेतरा जिले में ग्रामीण परिवारों को मांग अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए जिले में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जिले के लगभग 70 हजार परिवारों द्वारा रोजगार की मांग की गई, जिसके अनुरूप सभी पात्र परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसके परिणामस्वरूप जिले में लगभग 7.44 लाख मानव दिवस (Persondays) का सृजन हुआ है। मानव दिवस सृजन के मामले में बेमेतरा जिला पूरे प्रदेश के शीर्ष 5 जिलों में शामिल होकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिले में रोजगार मांग और रोजगार उपलब्धता के बीच संतुलित एवं प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सतत मॉनिटरिंग एवं योजनाबद्ध तरीके से कार्य कराया जा रहा है।
प्रतिदिन 55 हजार श्रमिकों को मिल रहा रोजगार
दैनिक श्रमिक संलग्नता के स्तर पर भी बेमेतरा जिला बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वर्तमान में जिले में लगभग 55 हजार श्रमिकों को कार्य देने की क्षमता के अनुरूप ई-मस्टर जारी कर नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर श्रम आधारित कार्यों का संचालन निरंतर जारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
जल संरक्षण एवं स्थायी परिसंपत्तियों पर विशेष जोर
मनरेगा अंतर्गत जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत हाफ नदी पुनर्जीवन, रिचार्ज पिट निर्माण, खेत तालाब निर्माण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण सहित विभिन्न स्थायी प्रकृति के कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा। जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसे स्थायी कार्य भविष्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने, जल संकट कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
तकनीकी समस्याओं के बावजूद बेहतर प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष की शुरुआत में नरेगा एमआईएस पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण अप्रैल माह में कार्य निष्पादन प्रभावित हुआ था। हालांकि तकनीकी सुधार के बाद स्थिति सामान्य हुई और वर्तमान में मांग अनुसार सभी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अप्रैल माह में लक्ष्य के विरुद्ध मानव दिवस सृजन में जिले की उपलब्धि 56 प्रतिशत रही, जो राज्य की औसत उपलब्धि 42 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह दर्शाता है कि चुनौतियों के बावजूद बेमेतरा जिला मनरेगा कार्यों के संचालन में प्रभावी प्रदर्शन कर रहा है।
अधिक से अधिक मांग पंजीयन कराने की अपील
जिला प्रशासन ने जिले के सभी ग्रामीण परिवारों से अपील की है कि मनरेगा अंतर्गत रोजगार प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में अपने ग्राम पंचायतों में मांग पंजीयन कराएं और उपलब्ध कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। प्रशासन ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में श्रममूलक कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके और ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके।
Trending
- जशपुर में मानवता शर्मसार: मानसिक रूप से कमजोर युवती से पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
- मानसून पूर्व तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने ली बाढ़ नियंत्रण हाई पावर कमेटी की बैठक
- सड़क दुर्घटनाएं नहीं हों, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएं : मुख्य सचिव विकासशील
- बस्तर का गौरव ‘सफेद चंदन वन’ तस्करों की भेंट चढ़ा; 2,000 पेड़ों में से सिर्फ 200 बचे
- मुख्यमंत्री साय की पहल : नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र विकास के लिए शुरू होगी ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’
- छ ग श्रमजीवी पत्रकार संघ संभागीय पत्रकार मिलन एवं कार्यकारिणी बैठक संपन्न
- छत्तीसगढ़ मनरेगा में चमका बेमेतरा: 70 हजार परिवारों को मिला काम, राज्य के शीर्ष 5 जिलों में बनाई जगह
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शीघ्र शुरू होगी सीएम हेल्पलाइन 1076


