khabarworld24.com –नई दिल्ली। आगामी 2025-26 के केंद्रीय बजट में करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार नई कर व्यवस्था में आयकर छूट सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है। इस कदम से मध्यम और निम्न आयवर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, कर दरों में भी कमी करने की संभावना जताई जा रही है, ताकि करदाताओं को ज्यादा राहत मिले और कर भुगतान प्रक्रिया सरल हो सके।
ईवाई की रिपोर्ट में करदाताओं के लिए प्रमुख सुझाव:
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कर छूट सीमा बढ़ाने की मांग: अर्न्स्ट एंड यंग (EY) इंडिया की बजट पूर्व रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार को करदाताओं की राहत के लिए कर छूट सीमा को 5 लाख रुपये तक बढ़ाना चाहिए। वर्तमान में यह सीमा 3 लाख रुपये है।
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आयकर विवाद सुलझाने पर ध्यान: रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 तक लगभग 31 लाख करोड़ रुपये के आयकर विवाद लंबित हैं। EY ने सुझाव दिया है कि सरकार को इन विवादों को तेजी से सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि कर प्रशासन में सुधार हो और राजस्व संग्रह में वृद्धि हो सके।
50% HRA छूट का सुझाव:
- मकान किराया भत्ता (HRA) में 50% छूट: EY की रिपोर्ट में कहा गया है कि हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, और अहमदाबाद जैसे शहरों में रहने वाले करदाताओं को मकान किराया भत्ता (HRA) में 50% की छूट दी जानी चाहिए। मेट्रो शहरों में पहले से ही यह छूट लागू है। इससे करदाताओं के बीच समानता आएगी और कर भार कम होगा।
क्रिप्टोकरेंसी के कराधान पर स्पष्टता की उम्मीद:
- क्रिप्टोकरेंसी कराधान: क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कराधान के नियमों में भी बजट 2025-26 में स्पष्टता की उम्मीद जताई जा रही है। इससे इस क्षेत्र में करदाताओं के बीच भ्रम कम होगा और सरकार को क्रिप्टो ट्रेडिंग से उत्पन्न आय पर सही कराधान मिल सकेगा।
सरल कर प्रणाली की जरूरत:
EY ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार को कर प्रणाली को सरल बनाने और लंबित मुकदमों को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। इससे न केवल करदाताओं को राहत मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में तेजी भी आएगी। कर विवादों का समाधान जल्दी हो तो यह सरकार के राजस्व संग्रहण में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
आंकड़े:
- 2023-24 तक 31 लाख करोड़ रुपये के आयकर विवाद लंबित।
- सरकार का लक्ष्य बजट 2025-26 में करदाताओं को राहत देना और कर प्रक्रिया को सरल बनाना है।
निष्कर्ष: आगामी बजट में करदाताओं के लिए कई राहतकारी कदम उठाए जाने की संभावना है। आयकर छूट सीमा में वृद्धि और कर दरों में कटौती के साथ-साथ HRA में 50% छूट जैसे प्रावधानों से आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी कराधान और आयकर विवाद सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करके सरकार कर प्रणाली को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर सकती है।
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

