नई दिल्ली। आजकल सोशल मीडिया पर बॉडी डिटॉक्स करने के कई तरीके बताए जाते हैं। कोई सुबह खाली पेट खास तरह का जूस पीने की सलाह देता है, तो कोई महंगे डिटॉक्स पाउडर और सप्लीमेंट्स लेने को कहता है। लेकिन क्या शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वाकई इन चीजों की जरूरत होती है? दरअसल, हमारा शरीर खुद ही एक नेचुरल डिटॉक्स सिस्टम के साथ काम करता है। लिवर खून में मौजूद कई हानिकारक पदार्थों को प्रोसेस करने में मदद करता है, जबकि किडनी शरीर से खराब पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। इसलिए शरीर को डिटॉक्स करने के नाम पर महंगे प्रोडक्ट खरीदने के बजाय रोजमर्रा की कुछ आदतों को सुधारना ज्यादा जरूरी है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पानी बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से किडनी को खून से अपशिष्ट पदार्थों को छानने और पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसके लिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। गर्मी, शारीरिक गतिविधि और मौसम के हिसाब से पानी की जरूरत बदल सकती है। बहुत ज्यादा पानी पीना भी जरूरी नहीं है।
पेट को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर जरूरी है। यह पाचन को बेहतर बनाने और कब्ज की परेशानी कम करने में मदद करता है। इसके लिए अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, दालें, चना, ओट्स और साबुत अनाज शामिल करें। फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और साथ में पर्याप्त पानी भी पिएं। इससे पेट साफ रखने में मदद मिल सकती है।
शारीरिक गतिविधि सिर्फ वजन कम करने के लिए नहीं, बल्कि लिवर और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए भी जरूरी है। रोजाना तेज कदमों से चलना, साइकिल चलाना, योग करना या हल्की एक्सरसाइज करना अच्छी आदत है। नियमित गतिविधि वजन को संतुलित रखने में मदद करती है। इससे फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम कम करने में भी मदद मिल सकती है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शराब से बचना सबसे अच्छा है। शराब का अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा तला-भुना खाना, मीठे पेय और पैकेट वाले फूड का सेवन सीमित रखें। घर का बना संतुलित खाना खाएं और डाइट में फल, सब्जियां और प्रोटीन वाली चीजें शामिल करें।
अच्छी नींद शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। रोजाना पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। सोने और जागने का समय तय रखें। तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान, किताब पढ़ना या अपनी पसंद का कोई काम कर सकते हैं। इससे दिनचर्या बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
बाजार में मिलने वाले डिटॉक्स पाउडर, चाय और सप्लीमेंट्स के बारे में कई बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन इनसे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलने या लिवर साफ होने का ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कुछ सप्लीमेंट्स उल्टा लिवर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इनका इस्तेमाल न करें।
आमतौर पर स्वस्थ शरीर को अलग से डिटॉक्स डाइट या जूस क्लींज की जरूरत नहीं होती। लिवर और किडनी लगातार अपना काम करते रहते हैं। अगर आपको लंबे समय से पेट में दर्द, पाचन की परेशानी, पीलिया या असामान्य थकान महसूस हो रही है, तो इसे डिटॉक्स की जरूरत समझकर नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से जांच करवाएं।
Trending
- गरियाबंद में नक्सल कनेक्शन का पर्दाफाश: राजाडेरा जंगल से टिफिन में छिपाए गए 21 लाख रुपये नकद बरामद, 3 गिरफ्तार
- राज्योत्सव विवाद: सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर कसा तीखा तंज, बोले- ‘कालनेमि जैसा ढोंगी है इनका छत्तीसगढ़ प्रेम’
- छत्तीसगढ़ के मीडिया कर्मियों के लिए बड़ी पहल: ‘स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना-2026’ का प्रारूप जारी, 30 नवंबर तक दें सुझाव
- PM मोदी के संदेश पर CM साय का आभार: ‘नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर शांति और समृद्धि की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़’
- फाइनल में मैनपाट टाइटन्स का सामना संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से, कड़े मुकाबले में बैलाडीला बुल्स को 3-1 से हराया
- छत्तीसगढ़ ने पूरे किए स्थापना के 26 गौरवशाली वर्ष: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई, विकसित छत्तीसगढ़ 2047 और शांति-विकास के नए दौर पर विशेष जोर
- अहोई अष्टमी व्रत : संतान की लंबी उम्र और आरोग्यता का महापर्व-साहूकारनी की कथा, ‘स्याहू माता’ की महिमा और लोक-आस्था का संपूर्ण विश्लेषण
- पांचवें टी20 में ऐसी होगी भारत-न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन! जानें पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन


