खबर वर्ल्ड न्यूज-शिव तिवारी-बिलासपुर। रक्षाबंधन के दिन हुए विवाद के बाद शहर में हिंसा और उपद्रव के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को एसीसीयू और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने राम गुट के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का पैदल जुलूस निकालकर उन्हें न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक 28 अगस्त की रात कोतवाली थाना क्षेत्र में सोहेल और राम गुट के लोगों के बीच विवाद हुआ था।
विवाद बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद वाले क्षेत्र के साथ-साथ कोतवाली थाने के सामने भी तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं हुईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों गुटों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा और दंगा सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। सोहेल गुट की ओर से फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि राम सिंह और उसके साथियों पर एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से जुड़े आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया।
सोमवार को एसीसीयू और कोतवाली पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए राम गुट से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी ध्रुव, दुर्गेश पुरी गोस्वामी उर्फ गोगा, अभिजित नेताम उर्फ निखिल नेताम, करण कश्यप उर्फ बडू और कन्हैया मरावी उर्फ मोटू के रूप में हुई है। सभी आरोपी कुंदरापारा, तिफरा, सिरगिट्टी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को पैदल जुलूस के रूप में न्यायालय तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक 45 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सोहेल गुट से 17 और राम गुट से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी लगातार दबिश दे रही है।
हिंसा मामले में राम गुट का मुख्य आरोपी राम सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बताया जा रहा है कि सोहेल की गिरफ्तारी के बाद राम सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस के सामने सरेंडर करने की बात कही थी। हालांकि इसके बाद से वह भूमिगत है। पुलिस राम सिंह की तलाश में बिलासपुर और रायपुर सहित संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का प्रयास है कि वह सरेंडर करने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाए। पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है।
28 अगस्त की घटना के करीब 10 दिन बाद भी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों गुटों के आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। रक्षाबंधन के दिन हुए विवाद के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राम गुट के पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मुख्य आरोपी राम सिंह समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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