विकसित भारत जी राम जी योजना से मत्स्य पालन, कृषि और जल संरक्षण से बढ़ेगी आय, सिंचाई सुविधाओं को मिलेगा नया आधार
खबर वर्ल्ड न्यूज-अजय शर्मा-जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले में संचालित मोर गांव-मोर पानी अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। अभियान के तहत जिले में 47 आजीविका डबरियों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 35 डबरियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन डबरियों में वर्षा जल का भराव होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
आजीविका डबरियों के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं। वर्तमान में 14 डबरियों में मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डबरियों की मेड़ों पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों की खेती से उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। जिले में 4 डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इससे किसान अब वर्षभर कृषि एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय में बढ़ोतरी कर रहे हैं। मोर गांव मोर पानी अभियान जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में जिले की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।


