नई दिल्ली। गर्मी और बारिश के मौसम में बाजार में आने वाला जामुन स्वाद के साथ-साथ अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। यह फल सिर्फ 1-2 दिन ही चलता है और इसके बाद खराब हो जाता है। अगर आप इसे फ्रिज में भी स्टोर करेंगे, तब भी इसकी शेल्फ लाइफ ज्यादा नहीं होती है। जामुन की शेल्फ लाइफ भले ही कम हो, लेकिन सेहत के लिए इसके फायदे काफी बड़े माने जाते हैं। खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन को रामबाण माना जाता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट्स तो जामुन की गुठलियों को भी ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में असरदार मानते हैं।
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने बताया जामुन में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई लाभकारी प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसकी वजह से यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता है। यही वजह है कि जामुन को डायबिटीज-फ्रेंडली फलों की सूची में शामिल किया जाता है। जामुन में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। इसे हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
दवा का विकल्प नहीं है जामुन
एक्सपर्ट के मुताबिक जामुन की बाहरी परत काफी नाजुक होती है और इसमें पानी की मात्रा भी अच्छी-खासी होती है। यही कारण है कि इसे लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखना मुश्किल होता है। खरीदने के बाद इसे जल्द खा लेना चाहिए या फ्रिज में स्टोर करना चाहिए। ज्यादा दिनों तक रखने पर इसका स्वाद और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को हमेशा ताजा जामुन खाने चाहिए। हालांकि जामुन शुगर लेवल कंट्रोल करने में सप्लीमेंट की तरह काम कर सकता है, लेकिन यह दवा का विकल्प नहीं है। ऐसे में इसे खाने के साथ समय पर डॉक्टर की दी गई दवाएं लेना भी जरूरी है।
आयुर्वेद में जामुन ही नहीं, बल्कि इसकी गुठली का विशेष महत्व बताया गया है। कई लोग इसकी गुठली को सुखाकर पाउडर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। जामुन एक पौष्टिक मौसमी फल है, जो कम समय में खराब हो जाता है, लेकिन पोषण के मामले में काफी समृद्ध माना जाता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। जब भी जामुन का सीजन आए, तब शुगर के मरीजों को रोज इसका सेवन करना चाहिए। ताकि ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।
Trending
- IFS अधिकारी विवेक आचार्य बने राज्य वन विकास निगम के नए कार्यकारी संचालक
- छत्तीसगढ़ के आयुष पांडेय को उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस की बड़ी जिम्मेदारी, सोशल मीडिया कैंपेन करेंगे कोऑर्डिनेट
- सुकमा के पोलमपल्ली पोटाकेबिन में भोजन-पानी के संदिग्ध दूषण से 47 छात्राएं बीमार: 23 अस्पताल में भर्ती, 1 की हालत गंभीर
- कांकेर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: मोरखण्डी के जंगलों से नक्सल डंप ध्वस्त, 3.5 किग्रा दुर्लभ पैंगोलिन शल्क और सामग्री बरामद
- बिलासपुर में हिंसक झड़प के बाद धारा 144 लागू: सिटी कोतवाली क्षेत्र में 4 से अधिक लोगों के जुटने और हथियारों पर सख्त पाबंदी
- रायपुर में दर्दनाक हादसा: विधानसभा थाने का वाटर कूलर बना ‘डेथ ट्रैप’, पानी पीने गए 32 वर्षीय युवक की मौत; बचाने दौड़ा आरक्षक भी झुलसा
- बिलासपुर संभाग में पहली डिजिटल शुरुआत: मुंगेली के थानों में ई-मालखाना सिस्टम लागू, बारकोड से होगी केस प्रॉपर्टी की ट्रैकिंग
- नेपाल आपदा में फंसीं बिलासपुर की मंजू रॉय चौधरी: राहत व समन्वय प्रयासों के बीच मिली लोकेशन की ताजा अपडेट


