लाखों की आर्थिक सहायता से किराना दुकान, ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य कार्य शुरू- रोजगार और आय में बढ़ोतरी का लक्ष्य
खबर वर्ल्ड न्यूज-संतोष कुमार-बीजापुर। जिले के वनमंडल अंतर्गत चक्रीय निधि योजना के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। इस योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को विभिन्न रोजगार गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। वन मंडला अधिकारी रमेश जांगड़े ने बताया पामेड़ एवं आवापल्ली क्षेत्र से दिलीप बीराबोइन को 2 लाख रुपये, दिनेश कुमार कवलाम को 3 लाख रुपये तथा श्रीमती जोशिला भगत को 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा किराना दुकान संचालन के लिए वन प्रबंधन समिति कोटापल्ली (मुरदोंडा) को भी सहायता दी गई है। वहीं नागुल सत्यनारायण को ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं डोजर क्रय हेतु 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। आर्थिक सहयोगों के माध्यम से ग्रामीण अब स्वयं का रोजगार स्थापित कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ जीवन स्तर भी बेहतर हो रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर में ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना और पलायन को रोकना है।
विशेष बात यह है कि चक्रीय निधि के तहत दिए गए ऋण को सरल शर्तों पर वापस जमा कर अन्य हितग्राही भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं, जिससे यह एक सतत और प्रभावी आर्थिक मॉडल बन रहा है।हितग्राहियों ने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन के वन, जल एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा वन मंत्री केदार कश्यप सहित प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का वास्तविक अवसर मिला है।


