खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने जारी बयान में इस मुद्दे को गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक खामी बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा 2018 में संविलियन के कारण शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को पेंशन योग्य सेवा में शामिल नहीं किया गया जिसके परिणामस्वरूप 2028 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले हजारों शिक्षक न्यूनतम पेंशन से भी वंचित रह गए हैं।
वर्तमान प्रावधानों के अनुसार संविलियन के बाद वर्ष की सेवा पूरी होने पर ही न्यूनतम पेंशन का अधिकार बनता है। चूंकि अधिकांश शिक्षकों का संविलियन 2018 में हुआ इसलिए 2028 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा। यही कारण है कि 1998, 1999 और 2005 से कार्यरत शिक्षक भी सेवानिवृत्ति के बाद शून्य पेंशन की श्रेणी में पहुंच रहे हैं। उन्हाेने कहा कि 25 से 30 वर्षों तक विद्यालयों में अपनी सेवाएं देने वाले अनेक शिक्षक रिटायरमेंट के बाद जीरो पेंशन की स्थिति में पहुंच रहे हैं। यह विडंबना तब और गंभीर हो जाती ‘है जब अंतिम वेतन 80 से 90 हजार रुपये तक पाने वाले शिक्षक अगले ही माह न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा से भी वंचित हो जाते हैं।
Trending
- महतारी वंदन योजना: ‘सुविधा’ या ‘संकट’? कांग्रेस का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला
- भीषण गर्मी में ‘वॉटर हब’ बना नगर पालिका का स्विमिंग पूल, मेंटेनेंस और प्रबंधन पर विशेष जोर
- 10 साल पहले रिटायर होने वाले शिक्षकों को पेंशन सुरक्षा से वंचित होना पड़ रहा
- अमर्यादित आचरण पर जोहार शक्ति पार्टी एवं क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने जताया खेद
- छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट भूमि घोटाला: जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के ठिकानों पर ED की बड़ी स्ट्राइक
- पूर्व राज्य मंत्री धनीराम साहू के पुत्र ने की आत्महत्या, घरेलू कलह की आशंका
- गश्त में जुटी पुलिस के हाथ लगी ‘नशीली खेप’, नहर में बहते मिले 17 पैकेट गांजा
- ध्रुव योग में आज मोहिनी एकादशी व्रत, जानें महत्व, पूजन विधि व मुहूर्त, कथा, मंत्र, आरती और पारण का समय


