खबर वर्ल्ड न्यूज-व्यास पाठक-रायपुर। अधिक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग (विद्युत/यांत्रिकी) मंडल कार्यालय रायपुर द्वारा जारी एक टेंडर में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस संबंध में सचिव लोक निर्माण विभाग एंव प्रमूख अभियंता लोक निर्माण विभाग समेत अन्य अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच की मांग की गई थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो सकी है।
आरोप है कि NIT नंबर 115, टेंडर क्रमांक 152168 दिनांक 24 जनवरी 2024 में निविदा प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन किया गया। टेंडर में श्री जी इलेक्ट्रिकल्स ने भाग लिया था और ऑनलाइन पोर्टल पर जीएसटी सर्टिफिकेट, आईटीआर, बैंक सॉल्वेंसी, शपथ पत्र, एनेक्जर 02 सहित निविदा मे मांग किए गए सभी आवश्यक दस्तावेज उसी फर्म के नाम से अपलोड किए गए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा फार्च्यून अंश फर्म को कार्यादेश जारी कर दिया गया, जबकि उक्त फर्म फार्च्यून अंश फर्म ने निविदा में भाग ही नहीं लिया था। नियम विरुद्ध लोक निर्माण विभाग के सभी नियमों को ताक मे रखकर अनुबंध क्रमांक 369 के तहत अनुबंध कर नियम विरुद्ध फार्च्यून अंश फर्म को 50 लाख का भुगतान कर दिया गया। जो कि प्रथम दृष्टिया अधिकारियों द्वारा पद एंव अधिकारों का दुरूपयोग को दर्शाता है।
बता दे कि नोटशीट में उद्यम पंजीयन के आधार पर लाइसेंस में छूट देने का उल्लेख किया गया है, सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकालने पर यह पाया गया कि श्री जी इलेक्ट्रिकल्स फर्म द्वारा उद्यम पंजीयन का दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड ही नहीं किया गया था। इसके बावजूद उसे टेंडर का लाभ दे दिया गया।
चहेते ठेकेदार को फायदा
इसके अलावा आरोप है कि टेंडर फॉर्म-ए के तहत निकाला गया, जो स्थापना कार्य के लिए निर्धारित है, जबकि यह टेंडर ह्रश्वरू फॉर्म-बी के तहत सप्लाई कार्य के लिए निकाला जाना चाहिए था।
सूचना के अधिकार से खुलासा: 50 लाख के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप
आरटीआई के तहत प्राप्त नोटशीट और निविदा से संबंधित दस्तावेजों को संलग्न करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। विभाग द्वारा शिकायत पर उदासिन रवैया अख्तियार करने के कारण शिकायत कर्ता द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग मंत्री के समक्ष कार्रवाई करने हेतु शिकायत किया है।
शिकायत के बावजूद अब तक नहीं हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता के अनुसार 25 जुलाई 2025 को भी इस मामले की शिकायत मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव लोक निर्माण विभाग तथा विभाग प्रमुख प्रमुख अभियंता, नया रायपुर को की जा चुकी है, लेकिन लगभग 7 माह से अधिक समय व्यतित हो जाने के बाद भी शिकायत पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही विभाग द्वारा इस संबंध में की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी आज तक शिकायतकर्ता को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अब देखना होगा कि विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कब तक होती है।
स्टाम्प नियमों की अनदेखी: छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के अनुसार शपथ पत्र के लिए 50 रुपये के स्टाम्प अनिवार्य है, लेकिन टेंडर में श्री जी इलेक्ट्रिकल्स द्वारा 20 रुपये के स्टाम्प पर दिए गए शपथ पत्र को स्वीकार करते हुए टेंडर खोल दिया गया।
नोटशीट में काट-छांट का आरोप: शिकायत में यह भी आरोप है कि नोटशीट में कंप्यूटर से लिखे गए विवरण में काट-छांट कर हाथ से श्री जी इलेक्ट्रिकल्स की जगह फार्च्यून अंश फर्म का नाम लिख दिया गया, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़ा और संदिग्ध प्रक्रिया की आशंका जताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Trending
- सुकमा के ‘बेदरे’ में बदलाव की बयार: वनाधिकार और पीएम आवास ने बोगाम भीमा के परिवार को दी नई पहचान
- भारत रत्न सचिन तेंदुलकर का एयरपोर्ट में आत्मीय स्वागत
- माँ दुर्गा स्व-सहायता समूह ने राशन दुकान के आवंटन हेतु कलेक्टर, एसडीएम और खाद्य विभाग को सौंपा ज्ञापन
- छत्तीसगढ़ में ‘हरा सोना’ बना समृद्धि का आधार: संग्राहकों की आय में ऐतिहासिक वृद्धि
- महासमुंद में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़: बीच शहर में कार खराब होने से खुली तस्करों की पोल
- खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से CM साय का कार्यक्रम रद्द, सचिन तेंदुलकर के शेड्यूल में भी बड़ा बदलाव
- अभिषेक शर्मा ने ‘ऐतिहासिक’ शतक से ऑरेंज कैप पर किया कब्जा, जानें किसके पास है पर्पल कैप?
- मंगलवार को फिर ‘भूत बंगला’ का चला जादू, कर डाली धमाकेदार कमाई, अब बनाने वाली है ये सॉलिड रिकॉर्ड


