खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आस्था और विश्वास का एक ऐसा केंद्र है, जो न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज के श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बूढ़ातालाब के समीप, कैलाशपुरी और टिकरापारा जाने वाले मोड़ पर स्थित ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ का मंदिर आज भक्तों के लिए अपनी मनोकामना पूरी करने का सबसे भरोसेमंद स्थान बन चुका है।
चिट्ठी के जरिए संवाद: अनोखी परंपरा
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ की अनूठी परंपरा है। भक्त मंदिर में केवल प्रसाद, फल या फूल ही नहीं चढ़ाते, बल्कि अपनी समस्याओं और इच्छाओं को कागज पर लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि कागज पर लिखकर की गई प्रार्थना स्वयं हनुमान जी तक पहुँचती है और बजरंगबली इन अर्जियों को विशेष रूप से स्वीकार करते हैं।
मनोकामनाओं का ‘एक साल वाला’ रहस्य
मंदिर के पुजारी नरेंद्र चौबे के अनुसार, इस परंपरा का पालन करने वाले भक्तों की संख्या में पिछले 4 से 5 वर्षों में जबरदस्त उछाल आया है। स्थानीय लोगों के अनुभव साझा करते हुए बताया गया है कि यहाँ जो भक्त अपनी मुराद लिखकर समर्पित करते हैं, उनकी मनोकामना आमतौर पर एक वर्ष के भीतर पूरी हो जाती है।


