KWNS – तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे सटीक हमलों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस, ईरान को मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य संसाधनों की रियल-टाइम खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में कुवैत में हुए हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने के बाद यह सवाल उठने लगा था कि ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की इतनी सटीक जानकारी कैसे मिल रही है। इसी बीच सामने आए इस दावे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी और कई रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि रूस की मदद कितनी गहरी है, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के शुरुआती दिनों में ईरान की अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को ट्रैक करने की क्षमता सीमित थी। ऐसे में यदि रूस खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है, तो इससे यह समझा जा सकता है कि ईरान के कुछ हमले इतने सटीक कैसे हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों, दूतावासों और अन्य रणनीतिक लक्ष्यों पर हजारों ड्रोन और सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इनमें कई हमलों में अमेरिकी सैन्य ढांचे को सीधे निशाना बनाया गया है।
यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें रूस की अप्रत्यक्ष भागीदारी भी मानी जा सकती है, जिससे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।


