खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में शुक्रवार काे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष देश का सबसे बड़ा नक्सलियाें का आत्मसमर्पण हो सकता है। नक्सली प्रवक्ता और DKSZCM (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर) सदस्य रूपेश आत्मसमर्पण कर सकता है। जानकारी के मुताबिक माड़ डिवीजन और इंद्रावती एरिया कमेटी इलाके में सक्रिय रूपेश अपने 100 से 130 साथियों के साथ जंगल से शहर की ओर निकला है। सभी हथियार के साथ बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर उसपरी घाट पहुंच सकते हैं। इस पूरे इलाके में पुलिस बल को तैनात किया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन स्थानिय पत्रकाराें से मिल रहे विडियाे एवं फाेटाे से आज गुरूवार काे जंगल से बाहर निकलने वाले नक्सलियों के जत्थे की फाेटाे एवं सब कॉरिडोर में तैानात जवानाें की व्यवस्था की फाेटाे से इसकी पुष्टि हाेती है। संभवत: इसी लिए सैकड़ाे नक्सलियाें के जंगल से बाहर आने एवं बस से सुरक्षाबलाें के कैंप तक आने की खबर एवं फाेटाे-विड़ियाे ताे सामने आ रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है। सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार 17 अक्टूबर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने छत्तीसगढ़ में सक्रिय अब तक के सबसे बड़ा नक्सलियाें का आत्मसमर्पण हाेने का रिकार्ड बन सकता है। इस संबध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी इंतजार करिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सली प्रवक्ता और DKSZCM (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर) सदस्य रूपेश के साथ आ रहे लोगों में 1 सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM), 2 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (DKSZCM), 15 डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) कैडर के नक्सली शामिल हो सकते हैं। इससे पूरा माड़ डिवीजन नक्सल मुक्त हो जाएगा। आज गुरूवार काे जंगल से बाहर निकलने वाले नक्सलियों के लिए एक सब कॉरिडोर की व्यवस्था पुलिस ने किया है। विदित हाे कि जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं उनके पास अत्याधुनिक हथियार हैं, जिसमें एक-47, इंसास राइफल के अलावा एसएलआर भी शामिल हाेने की बात सामने आई है। बता दें कि एक दिन पहले 15 अक्टूबर को कांकेर जिले में लगभग 100 से ज्यादा नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की बात सामने आई थी। इसमें बड़े कैडर के नक्सली लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है। जंगलों से बाहर आकर इन नक्सलियों ने कामतेड़ा बीएसएफ कैंप में हथियार डाले हैं, सभी नक्सलियों को बस के जरिए कैंप लाया गया। सुरक्षा कारणों के चलते बीएसएफ कैंप को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार 17 अक्टूबर शुक्रवार को जगदलपुर में नक्सली नेता रूपेश के नेतृत्व में नक्सली 100 से अधिक हथियारों के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने छत्तीसगढ़ में सक्रिय 200 से ज्यादा नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. का कहना है कि विगत कुछ दिनों से बस्तर क्षेत्र में बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार की नीति और निर्देशों के अनुसार, प्रभावी एंटी-नक्सल अभियानों के साथ-साथ माओवादी कैडरों को हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करने के लिए निरंतर और ईमानदार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के मार्गदर्शन में पुलिस, सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन सतत प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अधिक से अधिक माओवादी कैडर अब शांति और सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय ले रहे हैं।हम मीडिया के प्रति हार्दिक प्रशंसा व्यक्त करते हैं, जिन्होंने बस्तर को शांतिपूर्ण और समृद्ध क्षेत्र के रूप में पुनर्निर्मित करने के हमारे सामूहिक प्रयासों में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाई है। माओवादियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के क्षेत्र में हर दिन, हर पल कई सकारात्मक प्रगति हो रही हैं। सत्यापित और सटीक जानकारी उपयुक्त समय पर साझा की जाएगी। इस दिशा में आपका सहयोग और समर्थन अत्यंत सराहनीय है। उन्हाेने बताया कि सरकार की व्यापक और प्रभावी आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के परिणामस्वरूप विगत 20 महीनों में अब तक 1,876 माओवादी आत्मसमर्पण कर सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं और सरकार की पुनर्वास नीति के लाभ प्राप्त कर रहे हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में और भी माओवादी इस सकारात्मक मार्ग को अपनाएंगे।
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