खबर वर्ल्ड न्यूज-राकेश पांडेय-जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लोकोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार की रात बॉलीवुड संगीत और बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बॉलीवुड के जाने-माने गायक पवनदीप और चेतना ने अपनी सुरीली और शानदार गायकी से मंच पर समां बांध दिया। संगीत प्रेमियों की भारी भीड़ ने दोनों गायकों की प्रस्तुतियों का जमकर लुत्फ उठाया और उत्साह के साथ उनका साथ दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के मनमोहक प्रदर्शनों से हुई, जिन्होंने कला की विविध छटाएं बिखेरीं। स्वामीविवेकानंद स्कूल के छात्रों ने सरस्वती मंगलाचारण से माहौल को भक्तिमय बनाया, जबकि बिहू (आसामी), समूह नृत्य (ओड़िआ) और वायनाड केरल ट्रायबल डांस जैसी रंगारंग प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके बाद, बस्तर की सदियों पुरानी जनजातीय परंपरा मंच पर जीवंत हो उठी। लोकोत्सव के मंच पर लामकेर, बस्तर के कल्लूराम और साथियों ने मिलकर मनोरम गेड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। दरभा विकासखंड के छिंदावाड़ा से आए महादेव और उनके साथियों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए धुरवा नृत्य प्रस्तुत किया। धुरवा नृत्य की भंगिमाओं और समूह के शानदार समन्वय ने साबित कर दिया कि यह समूह अपनी विरासत की कला में महारत रखता है।
कलचा के हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति के गौरव को दर्शाते हुए गौर नृत्य प्रस्तुत किया। हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह के बीच, विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर ऊर्जा से भरपूर ताल और लय में यह नृत्य प्रस्तुत किया। बस्तर के माड़िया जनजाति का यह पारंपरिक नृत्य, जिसमें नर्तक गौर सींग वाली टोपी पहनते हैं, शौर्य और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। संगीत और प्रेरणा से भरी शानदार शाम में सक्षम कलेक्टिव बैंड ने अपने जीवंत प्रदर्शन से हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिव्यांग बच्चों से मिलकर बने इस असाधारण बैंड ने अपनी प्रस्तुति से यह दृढ़ता से साबित कर दिया कि प्रतिभा और हौसला किसी भी शारीरिक सीमा के मोहताज नहीं होते हैं।
बस्तर दशहरा लोकोत्सव के मंच पर ओड़िसी नृत्य की अद्भुत छटा से सज गया। नृत्यांगना विधि सेनगुप्ता ने अपने प्रभावी ओड़िसी नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। लोकनृत्य और संस्कृति के इस महासंगम में, विधि सेनगुप्ता की प्रस्तुति ने कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सधे हुए पद संचालन, भावपूर्ण मुद्राओं और ओड़िसी की पारंपरिक गरिमा ने लालबाग के माहौल को और भी सांस्कृतिक और भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में कला प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
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