डीवीसीएम टीम की बड़ी सफलता
खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नक्सल विरोधी अभियान को आज एक और झटका लगा है। पुलिस और जिला नक्सल उन्मूलन दस्ते (डीवीसीएम) की संयुक्त टीम ने चंगोराभाठा इलाके से माओवादी संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े एक नक्सली दंपति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पति-पत्नी फर्जी आधार कार्ड और नाम बदलकर किराए के मकान में रहते हुए कई सरकारी अफसरों के घरों में घरेलू नौकर के रूप में नौकरी कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि वे नक्सली संगठन के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी इकट्ठा कर रहे थे, जो संगठन की शहरी रणनीति का हिस्सा था।
गिरफ्तार दंपति की पहचान जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (उम्र 28 वर्ष) और उसकी पत्नी कमला कुरसम (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं, जहां माओवादी संगठन की सक्रियता लंबे समय से जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जग्गू माओवादी संगठन के निचले स्तर के सदस्य के रूप में सक्रिय था, जबकि कमला संगठन की महिला शाखा से जुड़ी हुई थी। दोनों ने 2023 में संगठन में शामिल होने के बाद रायपुर जैसे शहरी क्षेत्र में घुसपैठ की योजना बनाई थी।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्होंने खुद को ‘रमेश और कमला यादव’ के नाम से स्थापित किया था। किराए के मकान में रहते हुए जग्गू एक सरकारी अधिकारी के घर में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था, जबकि कमला दो वरिष्ठ अफसरों के घरों में घरेलू सहायक की भूमिका निभा रही थी। इससे उन्हें संवेदनशील जानकारी जैसे अधिकारियों के दैनिक रूटीन, मीटिंग शेड्यूल और सुरक्षा व्यवस्था तक पहुंच मिली हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि वे इस जानकारी को संगठन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचा रहे थे, जो संभावित हमलों की योजना में सहायक साबित हो सकती थी।
गिरफ्तारी की कार्रवाई और खुलासे
डीवीसीएम टीम को मुखबिरों से चंगोराभाठा इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की टिप मिली थी। 25 सितंबर की शाम को टीम ने एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से दंपति को हिरासत में लिया गया। तलाशी में फर्जी आधार कार्ड, संगठन से जुड़े कोडेड मैसेज वाले मोबाइल फोन, नकली पहचान पत्र और कुछ नकदी बरामद हुई।
जांच में अब तक यह स्पष्ट हो चुका है कि:
- सक्रियता की अवधि: दंपति पिछले 18 महीनों से रायपुर में सक्रिय था, जिसमें से 12 महीने सरकारी घरों में नौकरी के रूप में बिताए।
- संगठन से जुड़ाव: जग्गू ने 2023 में बस्तर क्षेत्र से संगठन में शामिल होकर कमला को भी भर्ती किया। दोनों ने कम से कम 5 महत्वपूर्ण जासूसी रिपोर्ट संगठन को भेजीं।
- जोखिम का स्तर: पुलिस के अनुसार, दंपति ‘मध्यम खतरा’ श्रेणी में आता था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी से संगठन की शहरी घुसपैठ पर बड़ा असर पड़ेगा।
डीवीसीएम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह गिरफ्तारी नक्सलियों की शहरों में फैल रही पैठ को उजागर करती है। हम पूछताछ जारी रखे हुए हैं, और मामले में बड़े खुलासे होने की संभावना है।” पूछताछ के दौरान दंपति ने संगठन के अन्य सदस्यों के नाम उगलने शुरू कर दिए हैं, जिससे रायपुर और आसपास के जिलों में नई छापेमारी की योजना बन रही है।


