खबर वर्ल्ड न्यूज – राकेश पांडेय, जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शामिल माँ दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी 5 माह बाद सोमवार को खोली गई। इस दौरान न केवल 11 लाख 18 हजार 194 रुपये की नगदी निकली, बल्कि भक्तों के दिल की बात कहने वाले मन्नत पत्र भी सामने आए। किसी ने मां से गर्लफ्रेंड से शादी कराने की प्रार्थना की है तो किसी ने NMDC (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) में नौकरी की मुराद लगाई।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि फरवरी 2025 में जब पिछली बार दानपेटी खोली गई थी, तब 19 लाख 23 हजार 723 रुपये की दानराशि प्राप्त हुई थी। इस बार की राशि कम होने के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।
* दानपेटी से निकली कुल राशि (जुलाई 2025):
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नगद: ₹11,18,194
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आभूषण: सोना-चांदी के सिक्के, हार, चूड़ियाँ
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चिट्ठियाँ: दर्जनों, जिनमें से कई पर दिलचस्प मन्नतें
✉️ मन्नत वाले पत्रों में क्या लिखा था?
दानपेटी में मिले पत्रों में भक्तों ने अपने मन की बातें देवी माँ को लिखी।
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“माँ, मेरी गर्लफ्रेंड के घर वाले शादी के लिए राजी नहीं हैं, आप कृपा करो।”
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“माँ, NMDC में नौकरी लगवा दीजिए, बहुत मेहनत की है।”
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“माँ, हमारे घर में शांति बना रहे।”
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“माँ, मेरे बेटे का एक्सीडेंट न हो।”
मंदिर समिति का कहना है कि ऐसे पत्र यह बताते हैं कि भक्त न केवल श्रद्धा भाव से दान करते हैं, बल्कि अपने जीवन की समस्याएं भी माँ के सामने रखते हैं।
* नवरात्रि में करोड़ों की आस्था, करोड़ों का चढ़ावा
दंतेश्वरी मंदिर में हर साल शारदीय नवरात्रि के दौरान चढ़ावे का आंकड़ा 1 करोड़ रुपये से पार हो जाता है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु यहाँ ज्योति कलश स्थापित करने आते हैं।
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ज्योति कलश (नवरात्रि 2024): 5,000 से अधिक
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नवरात्रि चढ़ावा (2024): ₹1.17 करोड़
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विदेशी भक्तों की संख्या: 500+
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चढ़ावे में शामिल: सोने की नथ, चांदी के छत्र, मंगलसूत्र, पायल, नकद आदि
* मंदिर की व्यवस्था और संपत्ति
दंतेश्वरी मंदिर अब एक आधुनिक और भव्य स्वरूप ले चुका है। इसके अंतर्गत—
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मंदिर की कुल संपत्ति करोड़ों में आंकी गई है।
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दान राशि से मंदिर की मरम्मत, रथ यात्रा, फागुन मेला, भंडारा, और सुरक्षा व्यवस्था का खर्च उठाया जाता है।
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चांदी के दान से विशेष देवी सिक्के बनवाकर भक्तों को प्रसाद रूप में वितरित किए जाते हैं।
* सुरक्षा के बीच दानपेटी की गिनती
सोमवार को जब दानपेटी खोली गई, तो टेंपल कमेटी के सदस्य, पुजारी वर्ग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया की गई। हर सिक्के और नोट की गिनती विधिवत की गई, और एक सूची भी बनाई गई।
* दंतेश्वरी माँ की महिमा बढ़ती जा रही
आस्था, श्रद्धा, भव्यता और भक्तों की उम्मीदों का केंद्र बना दंतेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है। चाहे शादी की बात हो या सरकारी नौकरी की- हर अरमान माँ की दहलीज़ पर आकर सजे होते हैं।


