khbarworld24-संपादक की कलम – छत्तीसगढ़ में स्मार्टफोन के इस्तेमाल की दर राष्ट्रीय औसत के बराबर है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में कंप्यूटर का ज्ञान न होने से डिजिटल विभाजन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जबकि शहरी इलाकों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ी है, ग्रामीण इलाकों में कंप्यूटर और उन्नत डिजिटल शिक्षा की कमी चिंताजनक है। यह स्थिति भविष्य में शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
स्मार्टफोन की पहुंच
देशभर में स्मार्टफोन की उपयोगिता में पिछले कुछ वर्षों में भारी वृद्धि देखी गई है। छत्तीसगढ़ में भी स्मार्टफोन का औसत राष्ट्रीय औसत के साथ मेल खाता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 2023 तक छत्तीसगढ़ में लगभग 55% परिवारों के पास स्मार्टफोन था, जो कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से बंटा हुआ है। शहरी इलाकों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल 70% तक पहुँच चुका है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 45% के करीब है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर ज्ञान की कमी
हालांकि स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग नगण्य है। सर्वेक्षण के अनुसार, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 18% परिवारों के पास कंप्यूटर या लैपटॉप है, और उन बच्चों का प्रतिशत जो नियमित रूप से कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, केवल 12% तक सीमित है। शहरी क्षेत्रों में यह प्रतिशत 35% है, जिससे स्पष्ट होता है कि डिजिटल शिक्षा में ग्रामीण-शहरी विभाजन बना हुआ है।
ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा की पहुंच बेहद कम है। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य के केवल 25% ग्रामीण स्कूलों में कंप्यूटर लैब हैं, जिनमें भी अधिकांश लैब खराब या अनुपयोगी हालत में हैं। इससे छात्रों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने के अवसर सीमित हो जाते हैं।
डिजिटल विभाजन के परिणाम
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर शिक्षा की कमी से छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में कमजोर स्थिति बनती जा रही है। आज के समय में अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाएँ और रोजगार संबंधी आवेदन ऑनलाइन होते हैं, जिसमें डिजिटल कौशल की आवश्यकता होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में 60% से अधिक छात्रों को बुनियादी कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त नहीं हो पाई है, जिससे उनके करियर के अवसर सीमित हो जाते हैं।
इसके अलावा, डिजिटल कौशल की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों के बच्चे नए स्टार्टअप और उद्योगों में भी पीछे रह सकते हैं। जबकि शहरी इलाकों में बच्चे मोबाइल एप्लिकेशन और डिजिटल उपकरणों के उपयोग में अधिक सक्षम हो रहे हैं, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के पास यह सुविधा नहीं है।
समाधान और सरकारी प्रयास
राज्य सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की “स्मार्ट स्कूल योजना” के तहत कई ग्रामीण स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा रही है, लेकिन अभी भी अधिकतर स्कूल इस योजना के अंतर्गत नहीं आते। 2024-25 के लिए घोषित नई योजनाओं के तहत राज्य सरकार ने हर पंचायत में कंप्यूटर शिक्षा केंद्र खोलने
व्यास पाठक – सोर्स विभिन्न न्यूज़ आर्टिकल

