khbarworld24-संपादक की कलम – देशभर में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए हाल ही में एक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण के अनुसार, 82.2 प्रतिशत स्कूली बच्चे अब स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि बच्चे अब इस डिजिटल युग में वयस्कों से कम नहीं हैं। यह डिजिटल क्रांति विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र में अहम बदलाव लेकर आई है, जहां स्मार्टफोन और इंटरनेट ने बच्चों की शिक्षा तक पहुँच को आसान बना दिया है।
स्मार्टफोन के उपयोग में वृद्धि
कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बंद होने के कारण ऑनलाइन शिक्षा ने जोर पकड़ा, जिससे बच्चों में स्मार्टफोन के उपयोग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई। 2020 से लेकर 2024 तक, बच्चों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल की दर में औसतन 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह आंकड़ा अब 82.2 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो यह दिखाता है कि ज्यादातर बच्चे अब स्मार्टफोन के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं।
डिजिटल शिक्षा का विस्तार
सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई गई हैं, जिनमें बच्चों को मुफ्त इंटरनेट, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, और डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार तेजी से हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 70 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।
अध्ययन का प्रभाव
एक अन्य प्रमुख बिंदु जो सामने आया, वह यह है कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल से बच्चों के पढ़ाई के तरीकों में बदलाव आया है। 67 प्रतिशत बच्चों ने बताया कि स्मार्टफोन के माध्यम से उनकी पढ़ाई आसान हो गई है, क्योंकि उन्हें कई प्रकार की डिजिटल सामग्री उपलब्ध हो रही है। हालांकि, 15 प्रतिशत बच्चों ने यह भी माना कि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से उनका ध्यान भटकता है।
माता-पिता की राय
सर्वेक्षण में शामिल 68 प्रतिशत माता-पिता का मानना है कि बच्चों को स्मार्टफोन देना अब आवश्यक हो गया है, क्योंकि डिजिटल शिक्षा के बिना बच्चों का अध्ययन पीछे रह सकता है। वहीं, 32 प्रतिशत माता-पिता ने यह चिंता जताई कि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
स्मार्टफोन का उपयोग और इंटरनेट सुविधाएं
भारत में 2024 तक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 85 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जिसमें से 50 प्रतिशत से अधिक युवा और बच्चे शामिल हैं। भारत में सस्ती इंटरनेट सुविधाओं और 4G के व्यापक प्रसार ने स्मार्टफोन को आमजन की पहुँच में ला दिया है, जिससे बच्चों की डिजिटल शिक्षा में तेजी आई है।
निष्कर्ष
सर्वेक्षण के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि डिजिटल शिक्षा और स्मार्टफोन के इस्तेमाल में बच्चों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। यह बदलाव शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहा है, लेकिन साथ ही इसके साथ कई चुनौतियाँ भी हैं, जैसे बच्चों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव और इंटरनेट पर अवांछनीय सामग्री से सुरक्षा। डिजिटल शिक्षा को संतुलित और सुरक्षित बनाना आने वाले समय में एक प्रमुख चुनौती बनी रहेगी।
सर्वेक्षण के प्रमुख आंकड़े:
- 82.2% स्कूली बच्चे अब स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं।
- शहरी क्षेत्रों में 90% से अधिक बच्चे स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 70% तक पहुँच चुकी है।
- 67% बच्चों ने माना कि स्मार्टफोन से उनकी पढ़ाई में सुधार हुआ है।
- 15% बच्चों ने ध्यान भटकने की समस्या का जिक्र किया।
- 68% माता-पिता ने स्मार्टफोन को जरूरी माना, जबकि 32% ने इसके स्वास्थ्य प्रभाव पर चिंता जताई।
डिजिटल शिक्षा के बढ़ते प्रभाव के साथ, यह आवश्यक हो गया है कि स्मार्टफोन और इंटरनेट का सही और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि बच्चों का विकास सही दिशा में हो।
व्यास पाठक – सोर्स विभिन्न न्यूज़ आर्टिकल

