Khabarworld24.com -मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा के भारत प्रत्यर्पण को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है। यह फैसला भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक और कानूनी जीत मानी जा रही है। इसके बाद भारत ने उन भगोड़े अपराधियों को वापस लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का इरादा जताया है, जिन्होंने देश में गंभीर अपराध किए और फिर विदेश भाग गए। इनमें विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, अनमोल बिश्नोई, जाकिर नाइक, संजय भंडारी और सौरभ चंद्राकर जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
भगोड़ों के खिलाफ सख्त कदम
भारत में अपराध कर भागने वाले अपराधियों में से एक-तिहाई अमेरिका में छिपे हुए हैं, जो उनके लिए एक ‘सुरक्षित पनाहगाह’ बन चुका है। लेकिन तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण यह दर्शाता है कि अब अमेरिका भी इन भगोड़ों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है, जिससे प्रत्यर्पण में तेजी आने की उम्मीद है।
पिछले दो दशकों में 60 भगोड़े लाए गए वापस
बीते दो दशकों में भारत ने 60 से अधिक भगोड़े अपराधियों को विभिन्न देशों से प्रत्यर्पित किया है। इनमें से 32 भारतीय नागरिक हैं, जबकि अन्य विभिन्न देशों के नागरिक हैं, जो भारत में अपराध कर भागे थे। आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत ने सबसे ज्यादा 19 अपराधियों को प्रत्यर्पित किया है, जबकि ब्रिटेन और तंजानिया से केवल 5 अपराधियों को ही प्रत्यर्पित किया जा सका है।
वहीं, प्रत्यर्पण के मामलों में अमेरिका से अब तक 6 अपराधियों को भारत लाया गया है।
48 देशों के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि
भारत की विभिन्न देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां हैं, जिनकी मदद से भगोड़े अपराधियों को वापस लाया जा सकता है। फिलहाल, भारत की 48 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि है, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, यूएई और जर्मनी जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इसके अलावा 12 अन्य देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि पर बातचीत चल रही है। प्रत्यर्पण संधि उन देशों के साथ होती है, जिनके साथ भारत का व्यापारिक, कूटनीतिक या अन्य महत्वपूर्ण संबंध होते हैं।
भगोड़ों की सूची में प्रमुख नाम
- विजय माल्या – भारतीय बैंकों से धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी।
- नीरव मोदी – पीएनबी घोटाले का प्रमुख आरोपी।
- मेहुल चौकसी – नीरव मोदी के साथ पीएनबी घोटाले में शामिल।
- जाकिर नाइक – मनी लॉन्ड्रिंग और भड़काऊ भाषण देने का आरोपी।
- संजय भंडारी – रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार का आरोपी।
- सौरभ चंद्राकर – ऑनलाइन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में वांछित।
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड होगा प्रत्यर्पित
2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल तहव्वुर हुसैन राणा का प्रत्यर्पण भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है। लश्कर-ए-तैयबा का यह सदस्य, हमले की योजना में शामिल था, जिसमें 166 निर्दोष लोग मारे गए थे। भारतीय एजेंसियां राणा से इस मामले में गहन पूछताछ कर सकती हैं, जिससे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अहम सुराग मिल सकते हैं।
नतीजा: अपराधियों पर शिकंजा कसेगा
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अब अपराधियों के लिए कोई भी देश सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनेगा। भारत की प्रत्यर्पण संधियों और कानूनी प्रयासों के चलते भगोड़े अपराधियों को वापस लाने की प्रक्रिया और तेज होगी, जिससे कानून के दायरे से भागने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा।
भारत की इस कूटनीतिक सफलता से अपराधियों में खलबली मच गई है और अब न्याय की राह पर देश मजबूती से आगे बढ़ता नजर आ रहा है।
आंकड़े:
- पिछले 20 वर्षों में प्रत्यर्पित किए गए अपराधी: 60
- सबसे ज्यादा प्रत्यर्पण: संयुक्त अरब अमीरात (19)
- भारत की प्रत्यर्पण संधि वाले देश: 48
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

