Khabarworld24.com -5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में अब तक 25 किसानों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। आरोपियों पर हत्या के प्रयास (IPC धारा 307) सहित कुल 7 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापे मार रही है और मामले में जांच तेज कर दी गई है।
क्या हुआ था?
5 जनवरी 2022 को पीएम मोदी फिरोजपुर में एक रैली को संबोधित करने के लिए सड़क मार्ग से जा रहे थे। इसी दौरान पंगाच पुलिस के अनुसार, पंजाब के पालखुर्द तहसील के गांव पियाराना के फ्लाईओवर के पास किसानों ने पीएम मोदी के काफिले को रोक दिया। इस घटना के दौरान पीएम मोदी को करीब आधे घंटे तक फ्लाईओवर पर फंसा रहना पड़ा, जिससे उनकी सुरक्षा में गंभीर चूक हुई।
गिरफ्तारी वारंट और धाराएं:
पुलिस ने इस मामले में कुल 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें प्रमुख किसान नेता शामिल हैं, जैसे कि भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी (बीकेयू) और क्रांतिकारी पेंडू मजदूर यूनियन के सदस्य। इन पर हत्या के प्रयास सहित छह अन्य धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- IPC धारा 307 – हत्या के प्रयास
- IPC धारा 353 – लोक सेवक के कर्तव्य में बाधा डालने की कोशिश
- IPC धारा 341 – किसी व्यक्ति का रास्ता रोकने का प्रयास
- IPC धारा 186 – लोक सेवक के सार्वजनिक कार्य में बाधा डालने की कोशिश
- IPC धारा 149 – अवैध तरीके से एकजुट होने के आरोप
- नेशनल हामि एक्ट – सार्वजनिक सुरक्षा में खतरा उत्पन्न करने का आरोप
इसके अलावा, पुलिस ने कुछ अन्य आरोपियों पर भी जांच तेज कर दी है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ जांच:
पंजाब सरकार इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी जांच कर रही है। इनमें प्रमुख अधिकारी पूर्व डीजीपी एस चट्टोपाध्याय, तत्कालीन फरीदकोट के डीआईजी इंद्रबीर सिंह और फिरोजपुर के तत्कालीन एसएसपी हरमबीर सिंह हंस शामिल हैं।
आरोपी और नेताओं की पहचान:
पुलिस ने जांच के दौरान 26 लोगों की पहचान की, जिनमें भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के महासचिव बलदेव सिंह जीरा भी शामिल हैं। इनमें से कई आरोपियों के नाम प्रमुख किसान नेता और संगठन से जुड़े हुए हैं।
इस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद, पुलिस अब इन आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापे मार रही है। पंजाब सरकार ने भी मामले की एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) जांच शुरू कर दी है, जो जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में यह चूक एक गंभीर मामला है, जिससे न केवल पंजाब सरकार, बल्कि केंद्र सरकार के लिए भी बड़े सवाल उठ रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, और दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी जांच चल रही है। इस घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न घटित हों।
बालकृष्ण साहू – सोर्स विभिन्न आर्टिकल्स

