Khabarworld24 -दुनिया भर में बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य के मामलों के बीच ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) एक प्रमुख चिंता का विषय बन चुका है। हाल ही में हुए अध्ययन के अनुसार, दुनिया में लगभग 6.18 करोड़ लोग ऑटिज्म से प्रभावित हैं, जिनमें से अधिकांश पुरुष हैं। यह आंकड़ा वैश्विक स्वास्थ्य रिपोर्ट्स में एक गंभीर संकेतक के रूप में उभरकर आया है, जिसमें ऑटिज्म के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
ऑटिज्म के बढ़ते मामले और इसके प्रभाव
ऑटिज्म एक न्यूरोलॉजिकल विकार है जो बच्चों और किशोरों में सामाजिक संबंधों, संवाद कौशल और व्यवहार में असमानता पैदा करता है। वर्तमान में यह विकार विश्वभर में प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इस विकार के मामलों में पिछले एक दशक में लगभग 50% की वृद्धि हुई है।
- दुनिया भर में ऑटिज्म से प्रभावित लोग: 6.18 करोड़ लोग
- मूल रूप से प्रभावित पुरुष: पुरुषों में यह विकार महिलाओं के मुकाबले दोगुने मामलों में पाया गया है, जिससे यह जेंडर असमानता को लेकर भी नई बहस को जन्म दे रहा है।
कारक जो ऑटिज्म के मामलों में वृद्धि का कारण बन रहे हैं
ऑटिज्म के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं, जिनमें जीवनशैली, जैविक तत्व, और प्राकृतिक वातावरण प्रमुख हैं।
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प्राकृतिक वातावरण: बढ़ते प्रदूषण, रासायनिक पदार्थों का बढ़ता उपयोग, और पर्यावरणीय बदलावों ने बच्चों में न्यूरोलॉजिकल विकारों के जोखिम को बढ़ा दिया है। कई अध्ययनों में यह देखा गया है कि प्रदूषण और रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आने वाले बच्चे ऑटिज्म से अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
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जीवनशैली और आहार: आधुनिक जीवनशैली में बदलाव, जैसे अत्यधिक स्क्रीन समय, तनाव, और अस्वास्थ्यकर आहार भी इस विकार को बढ़ावा देने में भूमिका निभा सकते हैं।
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जैविक कारण: ऑटिज्म के कारणों में आनुवंशिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं, और इस विकार की पहचान जीन के माध्यम से होने वाले उत्परिवर्तनों के आधार पर की जा सकती है।
देशों में ऑटिज्म के आंकड़े
- संयुक्त राज्य अमेरिका: अनुमानित 1 में से 44 बच्चों में ऑटिज्म का निदान किया जाता है।
- भारत: 2021 में भारतीय ऑटिज्म नेटवर्क द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि देश में लगभग 2.5 मिलियन लोग इस विकार से प्रभावित हैं, जो कि बढ़ते हुए मामलों को दर्शाता है।
मूलभूत कारक और समाधान
हालांकि ऑटिज्म के मामलों में वृद्धि की वजह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस विकार का जल्दी निदान और उपचार किया जाए तो इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस दिशा में माता-पिता और शिक्षकों को जागरूक करना, बच्चों के विकास पर ध्यान देना और प्राकृतिक पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाना आवश्यक है।
समाप्ति: ऑटिज्म एक जटिल विकार है, लेकिन इसके प्रति समझ बढ़ाने और उचित उपचार के द्वारा इस पर काबू पाया जा सकता है। इससे जुड़े अध्ययन और शोध निरंतर जारी हैं, जिससे भविष्य में इस विकार से प्रभावित लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के उपायों पर काम किया जा सके।
खबर वर्ल्ड न्यूज-रायपुर-बालकृष्ण साहू

