khabarworld24.com -कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2025 में अचानक इस्तीफा देने की घोषणा करके पूरे विश्व को चौंका दिया है। ट्रूडो, जो कनाडा के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में 2015 में सत्ता में आए थे, ने 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने के बाद इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उनके इस अप्रत्याशित कदम के पीछे राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे मुख्य कारण के रूप में “नई ऊर्जा और दिशा की आवश्यकता” को बताया है।
ट्रूडो के नेतृत्व के प्रमुख आँकड़े और उपलब्धियाँ:
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प्रधानमंत्री कार्यकाल: ट्रूडो 2015 से 2025 तक लगातार दो कार्यकालों तक प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंने आर्थिक सुधार, सामाजिक न्याय, और पर्यावरणीय नीतियों को प्रमुखता दी।
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आर्थिक सुधार: ट्रूडो सरकार ने 2015 से 2025 के बीच कनाडा की अर्थव्यवस्था को 2.3% की औसत वार्षिक वृद्धि दर से उभारा, हालांकि COVID-19 महामारी के कारण 2020 में -5.4% की आर्थिक गिरावट भी देखी गई थी।
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जलवायु परिवर्तन पर ध्यान: उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर वैश्विक नेतृत्व दिखाया। ट्रूडो के नेतृत्व में, कनाडा ने 2017 में पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया और 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को 30% तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
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स्वास्थ्य और महामारी प्रतिक्रिया: COVID-19 महामारी के दौरान, ट्रूडो सरकार ने $82 बिलियन के आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की, जिससे कनाडाई नागरिकों और व्यवसायों को वित्तीय समर्थन मिला। इस पैकेज के तहत आपातकालीन वेतन सब्सिडी और बेरोजगारी लाभ प्रदान किए गए, जिससे 5 मिलियन से अधिक कनाडाई नागरिकों को लाभ हुआ।
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समाज और सामाजिक न्याय: ट्रूडो के कार्यकाल में महिला अधिकारों, LGBTQ+ समुदाय, और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने 2022 में लिंग-भेद समानता और 2024 में LGBTQ+ अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कानून पारित किए।
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प्रवासी नीति: ट्रूडो सरकार की प्रवासी नीति के तहत 2015 से 2025 के बीच कनाडा ने 4 लाख से अधिक शरणार्थियों का स्वागत किया। इस नीति के कारण उनकी सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
इस्तीफे के कारण और संभावनाएँ:
ट्रूडो ने अपने इस्तीफे के दौरान कहा, “कनाडा अब एक नई दिशा की ओर अग्रसर होना चाहता है। मैंने देश की सेवा करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन अब समय है कि एक नई पीढ़ी देश का नेतृत्व करे।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रूडो की लिबरल पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट, विपक्ष के बढ़ते दबाव, और अंदरूनी कलह ने उनके इस्तीफे के पीछे भूमिका निभाई हो सकती है।
विशेष रूप से, हाल के चुनावों में लिबरल पार्टी को सिर्फ 31% मतदाताओं का समर्थन प्राप्त हुआ, जबकि कंजरवेटिव पार्टी को 35% मतदाता समर्थन मिला। इसके अलावा, ट्रूडो की नीतियों पर कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिसमें बढ़ते सरकारी खर्च और बढ़ती मुद्रास्फीति शामिल हैं, जो उनके इस्तीफे के निर्णय को प्रभावित कर सकती हैं।
कनाडा की भविष्य की राजनीति:
जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद, कनाडा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्तमान में उपप्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, जो आर्थिक मामलों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक अनुभवी नेता हैं। आगामी चुनावों में लिबरल पार्टी और कंजरवेटिव पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है, और ट्रूडो के इस्तीफे के बाद राजनीति में नई दिशा तय होने की संभावना है।
निष्कर्ष:
जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा कनाडा के राजनीतिक परिदृश्य को नया मोड़ दे सकता है। उनके 10 वर्षों के नेतृत्व ने कई ऐतिहासिक फैसलों और नीतियों के माध्यम से देश को एक नई पहचान दी। उनके इस्तीफे के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि कनाडा किस दिशा में आगे बढ़ता है और कौन उनका उत्तराधिकारी बनता है।
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

