khabarworld24.com -चीन में वायरल बुखार और श्वसन संक्रमण (Respiratory Infection) के बड़े पैमाने पर मामलों के बाद, भारत के राज्यों ने सतर्कता बढ़ा दी है। केरल और तेलंगाना की सरकारों ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है, जबकि केंद्र सरकार ने भी संभावित खतरों को देखते हुए एहतियाती उपायों की घोषणा की है। फिलहाल, विशेषज्ञों ने जनता से घबराने की आवश्यकता नहीं बताई है, लेकिन अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
चीन में संक्रमण और भारत की तैयारी
चीन में ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस’ (HMPV) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, भारत ने कड़े कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें देश में संक्रमण की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने की और इसमें संभावित महामारी से निपटने के लिए विस्तृत योजनाओं पर चर्चा की गई।
केरल की स्थिति
केरल की स्वास्थ्य मंत्री, वीना जॉर्ज ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट करते हुए बताया कि राज्य में अब तक किसी भी प्रकार के बड़े संक्रमण की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि केरल में, जहां मलयाली प्रवासी बड़ी संख्या में रहते हैं और अक्सर चीन समेत अन्य देशों से आते-जाते हैं, वहां अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। मंत्री ने कहा, “हमने श्वसन संक्रमण की किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयारी कर ली है। राज्य के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, और किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।”
तेलंगाना की तैयारी
तेलंगाना के जन स्वास्थ्य निदेशक, डॉ. बी रविंदर नायक ने बताया कि राज्य में फिलहाल ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस’ (HMPV) का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य विभाग चीन में फैले संक्रमण पर कड़ी नजर रख रहा है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने की सलाह दी है और लोगों से मास्क पहनने का आग्रह किया है।
केंद्र सरकार के एहतियाती कदम
केंद्र सरकार ने चीन से संक्रमण फैलने की खबरों के बाद एहतियाती कदम उठाए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) पूरे वर्ष ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस’ (HMPV) के रुझानों की निगरानी करेगी। साथ ही, जांच प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि संभावित मामलों की पहचान और उपचार किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से समय पर जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है ताकि आवश्यक कदम समय पर उठाए जा सकें।
क्या है ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस’ (HMPV)?
‘HMPV’ एक श्वसन संक्रमण पैदा करने वाला वायरस है जो श्वसन तंत्र (Respiratory System) को प्रभावित करता है। यह वायरस विशेष रूप से कमजोर आबादी, जैसे बच्चे, बुजुर्ग, और गर्भवती महिलाओं को प्रभावित कर सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, और थकान शामिल हैं। हालांकि, गंभीर मामलों में यह निमोनिया और अन्य गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
निगरानी और एहतियाती उपाय
सरकार ने चीन से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। इसके अलावा, सभी राज्यों को विशेष निगरानी उपायों को लागू करने और आवश्यक संसाधनों की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र ने सभी राज्यों से वायरस के किसी भी संभावित फैलाव को रोकने के लिए तत्काल उपाय करने की अपील की है।
जनता से अपील
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे COVID-19 जैसी सावधानियों को बनाए रखें, जिनमें मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना और नियमित रूप से हाथ धोना शामिल है। खासकर कमजोर समूहों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
समापन
हालांकि भारत में ‘ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस’ (HMPV) का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर इस संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जनता को सावधान रहने और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

