khabarworld24.com – वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 के अपने पुनः राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीय-अमेरिकी उद्यमी श्रीराम कृष्णन को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, श्रीराम कृष्णन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए व्हाइट हाउस के वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।
श्रीराम कृष्णन, जो सिलिकॉन वैली में एक सफल उद्यमी और निवेशक के रूप में जाने जाते हैं, अब AI नीति निर्माण में ट्रंप प्रशासन को रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। यह नियुक्ति AI क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व को और मजबूती देने के उद्देश्य से की गई है, क्योंकि AI तकनीक तेजी से उभरते वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा तंत्र का अभिन्न हिस्सा बन रही है।
श्रीराम कृष्णन का परिचय
श्रीराम कृष्णन का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा भारत में हुई। बाद में वे अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया। वे माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक (अब मेटा), ट्विटर (अब X), और स्नैप जैसी प्रमुख कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।
वर्तमान में श्रीराम आंद्रेसेन होरोविट्ज़ (a16z) में पार्टनर हैं, जहां उन्होंने कई सफल स्टार्टअप्स में निवेश किया है और AI, ब्लॉकचेन और अन्य उभरती तकनीकों में गहरी रुचि रखी है। AI के क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव और गहन समझ उन्हें ट्रंप प्रशासन के लिए एक उपयुक्त नीति सलाहकार बनाती है।
अमेरिका और AI: वैश्विक प्रतिस्पर्धा में एक अग्रणी कदम
श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और दुनिया भर में AI के उपयोग और नियमन को लेकर बहस जारी है। AI तकनीक के विकास ने कई देशों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है। चीन और यूरोप इस क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहे हैं, और ऐसे में अमेरिका को अपनी वैश्विक स्थिति बनाए रखने के लिए सटीक नीतियों की आवश्यकता है।
ट्रंप प्रशासन, जो पहले से ही “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” के तहत अमेरिकी उद्योग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, AI के क्षेत्र में अपने नेतृत्व को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। यह नियुक्ति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
AI नीति निर्माण के मुख्य उद्देश्य
श्रीराम कृष्णन को ट्रंप प्रशासन द्वारा सौंपे गए AI नीति निर्माण के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
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AI सुरक्षा और नैतिकता: AI के तेजी से विकास के साथ सुरक्षा और नैतिकता से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं। श्रीराम कृष्णन के मार्गदर्शन में प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि AI के विकास और उपयोग में नैतिक मानकों का पालन हो और इसे मानव समाज के हित में सुरक्षित रूप से लागू किया जाए।
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रोजगार और शिक्षा पर AI का प्रभाव: AI के आने से कई पारंपरिक नौकरियां खत्म हो रही हैं, लेकिन साथ ही यह नए अवसर भी प्रदान कर रही है। श्रीराम कृष्णन की नीतियां यह सुनिश्चित करेंगी कि AI से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान किया जाए और इसके फायदों का अधिकतम उपयोग हो।
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AI रिसर्च और विकास में निवेश: अमेरिका को AI अनुसंधान और विकास में वैश्विक अग्रणी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बनाई है। श्रीराम कृष्णन की भूमिका इस दिशा में नीति निर्माण और प्रोत्साहन देने में अहम होगी।
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वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में अमेरिका की बढ़त: AI की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका की स्थिति को और मजबूत करने के लिए नीतियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक बाजार में बढ़त मिल सके।
श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति के आंकड़े और महत्वपूर्ण तथ्य
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AI सेक्टर में अमेरिकी नेतृत्व: अमेरिका AI रिसर्च में लगभग 50% हिस्सेदारी रखता है। 2023 में, अमेरिका ने AI रिसर्च और विकास में $80 बिलियन से अधिक का निवेश किया था। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य इस आंकड़े को 2025 तक 20% बढ़ाने का है।
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AI और रोजगार: एक रिपोर्ट के अनुसार, AI के कारण 2024 से 2030 तक अमेरिका में लगभग 10 लाख नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जबकि AI-आधारित नई नौकरियों की संख्या इससे अधिक होने की संभावना है। श्रीराम कृष्णन की नीतियां इस बदलाव को संतुलित करने पर केंद्रित होंगी।
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वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका: AI के क्षेत्र में चीन और यूरोप तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन ने 2023 में AI विकास के लिए $140 बिलियन का बजट तय किया था, जबकि यूरोपीय संघ AI विनियमों पर गंभीरता से काम कर रहा है। इस चुनौती का सामना करने के लिए अमेरिका को स्पष्ट और दृढ़ नीतियों की जरूरत है, जिसे श्रीराम कृष्णन की सलाह से आगे बढ़ाया जाएगा।
श्रीराम कृष्णन की यह नियुक्ति भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का क्षण है और यह बताती है कि वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से AI क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व को नई दिशा मिलेगी।
(आंकड़े: AI Research Report 2023, US Department of Labor)
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

