khabarworld24.com -गलवान घाटी में जून 2020 को हुए घातक संघर्ष के बाद, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी सैन्य स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं किया है। भारतीय रक्षा अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, चीन लगातार अपनी सैन्य ताकत को सीमा के पास बढ़ा रहा है, जो कि भविष्य के संभावित सैन्य संघर्षों के लिए चिंताजनक है।
चीन की सैन्य स्थिति में कोई बदलाव नहीं
जून 2020 के गलवान संघर्ष में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और चीनी सेना के भी हताहत होने की खबरें आई थीं। हालांकि इस संघर्ष के बाद कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद, चीन ने अपनी सेना की पोजीशन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है।
रिपोर्ट के अनुसार:
- चीन ने LAC के पास अपने प्रमुख सैनिकों की संख्या और सैन्य उपकरणों को यथावत रखा है।
- गलवान के बाद से चीन ने सीमा के पास कई नए बंकर, हेलिपैड, और संचार सुविधाओं का निर्माण किया है।
- पांगोंग त्सो, हॉट स्प्रिंग्स, देपसांग और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में भी चीनी सैनिकों की तैनाती बढ़ी हुई है।
आंकड़ों में चीन की सैन्य ताकत का विस्तार
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, गलवान संघर्ष के बाद चीन ने निम्नलिखित क्षेत्रीय विकास किए हैं:
- सैनिकों की संख्या में वृद्धि: गलवान संघर्ष के बाद से चीन ने लगभग 50,000 सैनिकों को LAC के पास तैनात किया है।
- भारी सैन्य उपकरण: चीन ने पिछले दो वर्षों में LAC के पास लगभग 200 टैंक, तोपें और स्वचालित हथियार तैनात किए हैं।
- हवाई सेना का विस्तार: चीनी वायु सेना ने सीमा के पास पांच नए एयरबेस और 10 हेलीपैड का निर्माण किया है। इनमें तिब्बत के होतान और नगरी गार गुंसा बेस प्रमुख हैं।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: चीन ने रणनीतिक सड़कों और पुलों का निर्माण तेजी से किया है, जिससे वह सैनिकों और उपकरणों को जल्दी से तैनात कर सके।
- साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तैयारी: चीन ने सीमा के पास साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को बढ़ाया है, जिसमें जामिंग और निगरानी तंत्र शामिल हैं।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने चीन की इन गतिविधियों के जवाब में अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत किया है। भारतीय सेना ने भी LAC पर अपनी ताकत बढ़ाई है और भारतीय वायुसेना ने सीमा के पास स्थित हवाई अड्डों पर अपनी सक्रियता को बढ़ाया है।
- सैनिक तैनाती: भारतीय सेना ने भी लगभग 50,000 सैनिकों को LAC पर तैनात किया है।
- उपकरणों की तैनाती: भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और T-90 टैंकों को LAC पर तैनात किया है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: भारतीय सेना ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, पुलों और हेलीपैड के निर्माण में तेजी लाई है।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह गतिविधियां केवल सैन्य बढ़त के लिए नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश के रूप में भी देखी जा सकती हैं।
रक्षा विशेषज्ञ अजय कुमार ने कहा, “चीन की यह स्थिति एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसमें वह सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूती से कायम रखना चाहता है। भारत को न केवल अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है, बल्कि कूटनीतिक रूप से भी चीन पर दबाव बनाना चाहिए।”
निष्कर्ष
गलवान संघर्ष के चार साल बाद भी, चीन ने अपनी सैन्य स्थिति को स्थिर बनाए रखा है और सीमा पार अपनी ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और दोनों देशों को जल्द ही इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढना होगा ताकि भविष्य में किसी बड़े संघर्ष से बचा जा सके।
आंकड़ों पर आधारित यह ताजा रिपोर्ट दिखाती है कि चीन की सैन्य गतिविधियां और भारत की तैयारियां, दोनों देशों के लिए सीमा पर एक चुनौतीपूर्ण वातावरण बनाए हुए हैं।
खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़

