खबर वर्ल्ड24-बालकृष्ण साहू-छत्तीसगढ़- सीरिया में गृहयुद्ध के बाद विदेशी शक्तियों के दखल में तेजी आई है। तुर्की ने हाल ही में सीरिया के उत्तरी हिस्से, मनबिज इलाके पर कब्जा कर लिया है। तुर्की समर्थित रिबेल फोर्स ने कुर्दिश सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स (एसडीएफ) को हराकर इस क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया।
2016 में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) को हराने के बाद एसडीएफ ने मनबिज पर कब्जा किया था। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने कहा कि यह इलाका अब “आतंकवाद मुक्त” हो गया है। उनके अनुसार, तुर्की ने सीमा के नजदीकी इलाकों में शांति और स्थिरता बहाल करने का उद्देश्य रखा है।
तुर्की का यह कदम सीरिया के कुर्दिश समूहों को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिन्हें तुर्की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
इजराइल के दमिश्क के पास हमले
इजराइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क के आसपास 100 से अधिक मिसाइल हमले किए हैं। अलजज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले बरजाह साइंटिफिक रिसर्च सेंटर के पास हुए, जिसे रासायनिक हथियारों के निर्माण के लिए जिम्मेदार ठिकाना माना जाता है।
इजराइली सेना का दावा है कि ये हमले ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह और अन्य समूहों के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए। हालांकि, सीरियाई सरकार ने इन हमलों को अपने देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
संघर्ष और विदेशी दखल के आँकड़े
- सीरिया में मरने वालों की संख्या: गृहयुद्ध में अब तक 5 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
- आव्रजन संकट: 60 लाख से अधिक लोग देश छोड़कर शरणार्थी बन गए हैं।
- विदेशी दखल:
- तुर्की: कुर्दिश समूहों के खिलाफ अभियान।
- अमेरिका: आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई और तेल क्षेत्रों पर निगरानी।
- इजराइल: ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ हमले।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
- तुर्की: अपनी दक्षिणी सीमा पर “सुरक्षित क्षेत्र” बनाने की कोशिश कर रहा है।
- इजराइल: ईरान के बढ़ते प्रभाव को सीमित करने के लिए आक्रामक।
- सीरिया: विदेशी हस्तक्षेप से घरेलू हालात और बिगड़े।
इस संघर्ष से न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है। क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
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