नई दिल्ली। मशहूर भरतनाट्यम कलाकार यामिनी कृष्णमूर्ति अब हमारे बीच नहीं हैं। शनिवार, 3 अगस्त को उनका 83 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। यामिनी कृष्णमूर्ति उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनका इलाज डॉ. सुनील मोदी की अध्यक्षता वाली एक टीम की देखरेख में हो रहा था। हालांकि यामिनी को बचाया नहीं जा सका।
यामिनी कृष्णमूर्ति के मैनेजर ने दी जानकारी
यामिनी कृष्णमूर्ति के निधन की खबर उनके मैनेजर और सचिव गणेश ने शेयर की। कृष्णमूर्ति के प्रबंधक और सचिव गणेश ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा कि, ‘वह उम्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं और पिछले सात महीनों से गहन चिकित्सा ईकाई (आईसीयू) में थीं’।
यामिनी कृष्णमूर्ति का पार्थिव शरीर अब उनके संस्थान ‘यामिनी स्कूल ऑफ डांस’ में दर्शन के लिए रखा जाएगा। रविवार को सुबह नौ बजे उनका पार्थिव शरीर उनके संस्थान लाया जाएगा। यहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। हालांकि ये जानकरी सामने नहीं आई है कि यामिनी कृष्णमूर्ति का अंतिम संस्कार कब किया जाएगा।
यामिनी का जन्म 20 दिसंबर 1940 को आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के मदनपल्ली में हुआ था। जबकि यामिनी पली-बढ़ी तमिलनाडु के चिदम्बरम में। यामिनी जब सिर्फ 17 साल की थीं तब उन्होंने भरतनाट्यम में डेब्यू किया था। गौरतलब है कि वे भारत की सबसे पॉपुलर भरतनाट्यम डांसर थीं।
यामिनी कृष्णमूर्ति की डांस एकेडमी ‘यामिनी स्कूल ऑफ डांस’ दिल्ली में है। वे इसके अंतर्गत लोगों को भरतनाट्यम की ट्रेनिंग देती थीं। बता दें कि यामिनी के परिवार में उनकी दो बहनें हैं।
यामिनी कृष्णमूर्ति को नृत्य के क्षेत्र में दिए गए उनके बेहतरीन योगदान के लिए देश के तीन सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया था। उन्हें साल 1968 में पद्मश्री (देश का चौथा सबसे ऊंचा नागरिक सम्मान), 2001 में पद्म भूषण (देश का तीसरा सबसे ऊंचा नागरिक सम्मान) और साल 2016 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से नवाजा गया था।

