खबर वर्ल्ड न्यूज़ – नई दिल्ली। नीट-यूजी परीक्षा विवाद और पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपते हुए कहा कि छात्रों के हित और देश की शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि देश की युवाशक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। पिछले दिनों के घटनाक्रम से वे बेहद दुखी हैं और नहीं चाहते कि विद्यार्थी किसी कानूनी उलझन में फंसें या देशविरोधी ताकतें इस मुद्दे का लाभ उठाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।
नीट-यूजी परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी, जिसके बाद परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी और परीक्षा रद्द कर 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की गई। इसके परिणाम 16 जुलाई को घोषित किए गए, लेकिन छात्रों का विरोध जारी रहा। पिछले 10 दिनों से जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों और परीक्षार्थियों द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को केंद्र सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


