खबर वर्ल्ड न्यूज-सूरजपुर। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के जवान मनमोहन सिंह पिछले तीन महीनों से रहस्यमय ढंग से लापता हैं। बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित तारूड़ कैंप में तैनात मनमोहन की गुमशुदगी ने न केवल सुरक्षात्मक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि परिजनों की चिंता और आक्रोश को भी उजागर किया है।
? घटना का संक्षिप्त ब्यौरा:
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तारीख: लगभग तीन महीने पूर्व (जनवरी 2025 के अंत की आशंका)
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स्थान: CAF कैंप, तारूड़ (बीजापुर जिला – रेड जोन नक्सली इलाका)
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लापता व्यक्ति: मनमोहन सिंह, CAF जवान
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कैम्प का CCTV: घटना वाले दिन बंद पाया गया
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थाने में रिपोर्ट: उसी दिन दर्ज कर दी गई
? “मानसिक रूप से बीमार था”, अधिकारी का दावा – परिजन नाखुश
कैंप अधिकारियों का कहना है कि मनमोहन सिंह मानसिक रूप से अस्थिर था और फेंसिंग तार को पार कर भाग गया। लेकिन परिजन इस दावे को पूरी तरह नकारते हैं। पत्नी का सवाल है – अगर मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी तो उसे नक्सली इलाके में ड्यूटी क्यों दी गई?
? परिजनों का संघर्ष: पत्र से लेकर प्रशासन तक
मनमोहन सिंह की पत्नी और परिजनों ने:
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
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गृहमंत्री विजय शर्मा
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बीजापुर एवं सूरजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों
को कई पत्र लिखे हैं। रायपुर से लेकर सूरजपुर तक दर-दर की ठोकरें खाई हैं। अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
? नक्सल क्षेत्रों में जवानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
तारूड़ कैंप का CCTV घटना वाले दिन बंद था, जो इस बात की तरफ इशारा करता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा में बड़ी चूक हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल क्षेत्र में:
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एक जवान का ऐसे गायब हो जाना असामान्य है
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यह घटना आंतरिक साजिश, नक्सली अपहरण या सिस्टमिक फेलियर का संकेत भी हो सकती है
? क्या कहते हैं आंकड़े?
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बीजापुर जिले में 2023 में करीब 38 नक्सली घटनाएं दर्ज हुईं
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इनमें से 9 घटनाएं तारूड़ क्षेत्र के आसपास हुईं
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2020-2024 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 67 जवान नक्सल क्षेत्रों में लापता हुए, जिनमें से 11 अब भी गायब हैं
?️ एसएसपी सूरजपुर की प्रतिक्रिया
सूरजपुर एसएसपी ने जानकारी दी है कि उन्होंने बीजापुर एसपी से संवाद कर जांच की मांग की है, लेकिन जमीनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

