खबर वर्ल्ड न्यूज-बलरामपुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बेबदी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ कि पंचायत सचिव सीमा जायसवाल और अन्य आरोपियों ने हितग्राहियों को मिलने वाला राशन खुद हड़प लिया। इस मामले में सरगुजा संभाग के कमिश्नर की सख्ती के बाद रघुनाथनगर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।
? घोटाले का खुलासा: कैसे हुआ चावल का गबन
PDS योजना के तहत प्रत्येक बीपीएल और अंत्योदय परिवार को प्रति माह 35 किलो तक चावल मिलता है। ग्राम पंचायत बेबदी में लगभग 500 से अधिक राशन कार्डधारी लाभार्थी हैं। अनुमानतः हर महीने लगभग 17.5 टन (17,500 किलो) चावल का आवंटन होता है।
पंचायत सचिव सीमा जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने हितग्राहियों से अंगूठा या हस्ताक्षर लेकर चावल नहीं दिया, बल्कि उसे सहायक विक्रेता और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर खुद रख लिया या बेच दिया। यह सिलसिला कई महीनों तक चला, जिससे अनुमानतः लाखों रुपये मूल्य का चावल गबन हुआ।
? इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला
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सीमा जायसवाल – पंचायत सचिव और जनपद उपाध्यक्ष पवन जायसवाल की पत्नी
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जगमति – पूर्व सरपंच
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जीतलाल – पूर्व सरपंच का पति
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संतोष पण्डो – सहायक विक्रेता
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कन्हैया लाल – तौलक
⚖️ किस कानून के तहत मामला दर्ज
रघुनाथनगर थाना में इन पांचों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 (विश्वासघात कर सरकारी सम्पत्ति का गबन), धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 467, 468 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
? जांच में क्या पाया गया
खाद्य विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में निम्नलिखित बातें पाई गईं:
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कई हितग्राहियों को चावल न दिए जाने के प्रमाण।
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फर्जी तरीके से डिजिटल हस्ताक्षर या अंगूठा लगवाकर वितरण दिखाना।
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स्टॉक रजिस्टर और वितरण रजिस्टर में असंगति।
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सहायक विक्रेता व तौलक की संलिप्तता के दस्तावेजी सबूत।
?️ क्या बोले अधिकारी
सरगुजा संभाग के कमिश्नर ने कहा –
“PDS व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। इस तरह की घटनाएं गरीबों के हक पर चोट हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ी तो आर्थिक अपराध शाखा से भी जांच कराई जाएगी।”
? अनुमानित नुकसान
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यदि 6 महीने तक हर माह 500 कार्डधारियों का चावल गबन हुआ है:
→ 500 x 35 किलो = 17,500 किलो प्रति माह
→ 17,500 x 6 = 1,05,000 किलो (105 टन)
→ यदि औसत मूल्य ₹30/kg मानें तो कुल गबन = ₹31.5 लाख तक हो सकता है।

